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Haridwar News: टनल हादसे पर जगद्गुरु शंकराचार्य ने जताई संवेदना
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने बृहस्पतिवार की देर रात हुए पीपीकोटी हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त किया। शुक्रवार को हरिद्वार के कई आयोजनों में शामिल होने के बाद गुरु का आशीर्वाद लेने पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी से उन्होंने टनल दुर्घटना में मारे गए लोगों के बारे में जानकारी ली।
मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना की। जगद्गुरु शंकराचार्य ने धर्मनगरी के संतों से आपदाओं को रोकने और देवभूमि की रक्षा के लिए संतों से अनुष्ठान का आह्वान भी किया।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री धामी के घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी ने न केवल मौके पर पहुंचकर पीड़ितों के परिजनों बल्कि उनके राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्ता किया यह मानवीय मूल्यों पर सार्थक कदम रहा। उन्होंने इस पहल को मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।
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शंकराचार्य ने देवभूमि उत्तराखंड में लगातार आ रही आपदाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेश के संतों से विशेष देव आराधना और अनुष्ठान शुरू करने का आह्वान किया। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि पवित्र भूमि की रक्षा के लिए यह आह्वान सभी से है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी को ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना भी की जाएगी।
उन्होंने कुंभ जैसे विशाल आयोजन के सफल संचालन को एक चुनौती बताया, बावजूद इसके कांवड़ यात्रा जैसी व्यवस्थाओं के ऐतिहासिक और सफल आयोजन की भी प्रशंसा की। जगद्गुरु ने कहा कि कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों के सफल संचालन में शासन-प्रशासन के योगदान की सराहना की जानी चाहिए।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि पिछले कई वर्षों बाद यह अनुभव हुआ है कि शासन सनातन धर्म के उत्थान के लिए प्रयास कर रहा है। यह प्रयास हर स्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में सरकार के प्रयासों को सराहा। इस दौरान महामंडलेश्वर कपिलानंदमुनि, महामंडलेश्वर आदि योगी, दीपक रयाल, शिव कुमार त्यागी, नारायण शास्त्री, उमेश त्रिवेदी, अभिषेक कौशिक समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना की। जगद्गुरु शंकराचार्य ने धर्मनगरी के संतों से आपदाओं को रोकने और देवभूमि की रक्षा के लिए संतों से अनुष्ठान का आह्वान भी किया।
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जगद्गुरु शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री धामी के घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी ने न केवल मौके पर पहुंचकर पीड़ितों के परिजनों बल्कि उनके राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्ता किया यह मानवीय मूल्यों पर सार्थक कदम रहा। उन्होंने इस पहल को मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया।
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शंकराचार्य ने देवभूमि उत्तराखंड में लगातार आ रही आपदाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेश के संतों से विशेष देव आराधना और अनुष्ठान शुरू करने का आह्वान किया। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि पवित्र भूमि की रक्षा के लिए यह आह्वान सभी से है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी को ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना भी की जाएगी।
उन्होंने कुंभ जैसे विशाल आयोजन के सफल संचालन को एक चुनौती बताया, बावजूद इसके कांवड़ यात्रा जैसी व्यवस्थाओं के ऐतिहासिक और सफल आयोजन की भी प्रशंसा की। जगद्गुरु ने कहा कि कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों के सफल संचालन में शासन-प्रशासन के योगदान की सराहना की जानी चाहिए।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि पिछले कई वर्षों बाद यह अनुभव हुआ है कि शासन सनातन धर्म के उत्थान के लिए प्रयास कर रहा है। यह प्रयास हर स्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में सरकार के प्रयासों को सराहा। इस दौरान महामंडलेश्वर कपिलानंदमुनि, महामंडलेश्वर आदि योगी, दीपक रयाल, शिव कुमार त्यागी, नारायण शास्त्री, उमेश त्रिवेदी, अभिषेक कौशिक समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।