{"_id":"69b41f2ae73330e3b00bbe2d","slug":"north-central-railway-employees-learnt-the-method-of-management-development-haridwar-news-c-149-1-hrd1003-681-2026-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: उत्तर मध्य रेलवे के कर्मियों ने सीखा प्रबंधन विकास का तरीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: उत्तर मध्य रेलवे के कर्मियों ने सीखा प्रबंधन विकास का तरीका
विज्ञापन
शांतिकुंज चल रहे पांच दिवसीय उत्तर मध्य रेलवे के समापन कार्यक्रम में मौजूद डॉ चिन्मय पण्ड्या ।
विज्ञापन
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में चल रहे पांच दिवसीय उत्तर मध्य रेलवे के 140वें प्रबंधन विकास कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। इसमें प्रयागराज, झांसी, आगरा, मुरादाबाद और दिल्ली मंडलों से आए रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने भागीदारी की।
समापन से पूर्व रेलवे के अधिकारी, कर्मचारियों को देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का भ्रमण कराया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों, शोध और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ नवाचार का अध्ययन किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में संचालित व्यक्तित्व विकास, योग, भारतीय संस्कृति, जीवन प्रबंधन और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों की भी जानकारी ली।
प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आज के समय में प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करना है।
इस दौरान सहाय उप महाप्रबंधक सुनील कुमार गुप्त, शिवाजी कदम, चेतन तनेजा, रवि कुमार मीना, पुष्पेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Trending Videos
समापन से पूर्व रेलवे के अधिकारी, कर्मचारियों को देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का भ्रमण कराया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों, शोध और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ नवाचार का अध्ययन किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में संचालित व्यक्तित्व विकास, योग, भारतीय संस्कृति, जीवन प्रबंधन और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों की भी जानकारी ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आज के समय में प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करना है।
इस दौरान सहाय उप महाप्रबंधक सुनील कुमार गुप्त, शिवाजी कदम, चेतन तनेजा, रवि कुमार मीना, पुष्पेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।