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Haridwar News: डीएम की सख्ती, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अब करनी होगी निगरानी
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हरिद्वार। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर अब सख्त कार्यवाही हो सकती है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से मिले ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रावधानों का हवाला भी दिया है।
बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील के एक मामले में ठोस अपशिष्टों के उचित प्रबंधन के निर्देश दिए थे। यह आदेश 19 फरवरी 2026, 29 अप्रैल 2026 और 05 मई 2026 को पारित हुए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रुड़की को इस आशय का पत्र और निर्देश भेजकर जिलाधिकारी ने अनुपालन करने को कहा था। जिलाधिकारी की सख्ती पर अब बोर्ड जगा है और ग्रामीण से लेकर शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में निरंतर निगरानी का रोस्टर तैयार करने में जुट गया है।
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निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता पर हुई सख्ती
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्देशों के बावजूद कार्य में शिथिलता दिखाई। शुरुआत में 19 ठोस अपशिष्ट डंप साइट्स का निरीक्षण किया गया लेकिन स्पष्ट उल्लेख नहीं हुआ। वहीं जियो-टैग तस्वीरों के साथ पूरा विवरण देने के साथ ही अन्य निर्देशों में कमी मिली। अब बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए दो पोस्टर तैयार किए हैं। एक में नियमों की जानकारी है। दूसरा प्रतिबंधित एकल-उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं के बारे में बताया गया है। इनका उपयोग जन-जागरूकता अभियान में होगा। इनकी प्रतियां सभी स्थानीय निकायों को भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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निकायों को दिए गए निर्देश
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्थानीय निकायों और संबंधित अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट डंप साइटों के निस्तारण के लिए कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। इसी तरह नगर निगम रुड़की, नगर निगम हरिद्वार और नगर पालिका परिषद मंगलौर आदि जगहों पर सख्ती से कार्यवाही के लिए कहा गया है।
बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील के एक मामले में ठोस अपशिष्टों के उचित प्रबंधन के निर्देश दिए थे। यह आदेश 19 फरवरी 2026, 29 अप्रैल 2026 और 05 मई 2026 को पारित हुए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रुड़की को इस आशय का पत्र और निर्देश भेजकर जिलाधिकारी ने अनुपालन करने को कहा था। जिलाधिकारी की सख्ती पर अब बोर्ड जगा है और ग्रामीण से लेकर शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में निरंतर निगरानी का रोस्टर तैयार करने में जुट गया है।
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निर्देशों के अनुपालन में शिथिलता पर हुई सख्ती
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्देशों के बावजूद कार्य में शिथिलता दिखाई। शुरुआत में 19 ठोस अपशिष्ट डंप साइट्स का निरीक्षण किया गया लेकिन स्पष्ट उल्लेख नहीं हुआ। वहीं जियो-टैग तस्वीरों के साथ पूरा विवरण देने के साथ ही अन्य निर्देशों में कमी मिली। अब बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए दो पोस्टर तैयार किए हैं। एक में नियमों की जानकारी है। दूसरा प्रतिबंधित एकल-उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं के बारे में बताया गया है। इनका उपयोग जन-जागरूकता अभियान में होगा। इनकी प्रतियां सभी स्थानीय निकायों को भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
निकायों को दिए गए निर्देश
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्थानीय निकायों और संबंधित अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट डंप साइटों के निस्तारण के लिए कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। इसी तरह नगर निगम रुड़की, नगर निगम हरिद्वार और नगर पालिका परिषद मंगलौर आदि जगहों पर सख्ती से कार्यवाही के लिए कहा गया है।