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Haridwar News: चलती ट्रेन में चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार
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हरिद्वार। ट्रेनों में यात्रियों का मोबाइल, पर्स और कीमती सामान चोरी करने वाले गिरोह का जीआरपी हरिद्वार ने भंडाफोड़ किया है। जीआरपी ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया एप्पल मोबाइल और ईयरबड्स बरामद किए हैं। आरोपी चोरी के कुछ घंटों के भीतर मोबाइल का लॉक तोड़कर नया यूपीआई पिन बना लेते थे और एटीएम व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिये रकम निकाल लेते थे। बाद में मोबाइल को सस्ते दामों में बेच देते थे। तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जीआरपी एसपी अरुणा भारती ने बताया कि 25 जनवरी 2026 को गुजरात निवासी पीयूष चंद्रकांत मोदी परिवार सहित जम्मू से ऋषिकेश की यात्रा पर थे। हेमकुंड एक्सप्रेस के एस-9 कोच से हरिद्वार स्टेशन से ट्रेन छूटने के कुछ देर बाद उनकी पत्नी का हैंडबैग चोरी हो गया। बैग में दो मोबाइल, एयरपॉड, लगभग 20 हजार रुपये, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के कागजात रखे थे। घटना के संबंध में पहले जीआरपी देहरादून में जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे बाद में जीआरपी हरिद्वार को स्थानांतरित कर दिया गया।
जांच के दौरान पता चला कि चोरी किए गए मोबाइल से देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक एटीएम से दो बार में नकदी निकाली गई। एटीएम फुटेज की जांच में दो संदिग्धों की पहचान अंश शर्मा निवासी मानसरोवर कॉलोनी मुरादाबाद यूपी, बलदेव सिंह रावत निवासी ग्राम झिवाली थाना लंबगांव टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई। दोनों पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। जीआरपी टीम ने देहरादून में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने तीसरे साथी दीपक सेमवाल निवासी ग्राम अंजनीसैन पट्टी जाखनीधार जिला टिहरी गढ़वाल का नाम उजागर किया। दीपक मोबाइल का पासकोड तोड़कर नया यूपीआई पिन तैयार करता था। उसकी निशानदेही पर चोरी हुआ मोबाइल और ईयरबड्स भी बरामद कर लिए गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि जांच में सामने आया कि अंश और बलदेव लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते थे। हरिद्वार स्टेशन पर ट्रेनों के अपेक्षाकृत अधिक ठहराव के दौरान और यात्रियों के प्लेटफॉर्म पर उतरने की स्थिति में उन्हें सबसे ज्यादा मौका मिलता था। इसके बाद वे देहरादून में दीपक के पास पहुंचते, जहां मोबाइल अनलॉक कर रकम निकालते थे। बताया कि अंश और बलदेव के खिलाफ पहले से चोरी, गैंगस्टर समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। तीनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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जीआरपी एसपी अरुणा भारती ने बताया कि 25 जनवरी 2026 को गुजरात निवासी पीयूष चंद्रकांत मोदी परिवार सहित जम्मू से ऋषिकेश की यात्रा पर थे। हेमकुंड एक्सप्रेस के एस-9 कोच से हरिद्वार स्टेशन से ट्रेन छूटने के कुछ देर बाद उनकी पत्नी का हैंडबैग चोरी हो गया। बैग में दो मोबाइल, एयरपॉड, लगभग 20 हजार रुपये, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के कागजात रखे थे। घटना के संबंध में पहले जीआरपी देहरादून में जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे बाद में जीआरपी हरिद्वार को स्थानांतरित कर दिया गया।
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जांच के दौरान पता चला कि चोरी किए गए मोबाइल से देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक एटीएम से दो बार में नकदी निकाली गई। एटीएम फुटेज की जांच में दो संदिग्धों की पहचान अंश शर्मा निवासी मानसरोवर कॉलोनी मुरादाबाद यूपी, बलदेव सिंह रावत निवासी ग्राम झिवाली थाना लंबगांव टिहरी गढ़वाल के रूप में हुई। दोनों पूर्व में भी जेल जा चुके हैं। जीआरपी टीम ने देहरादून में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने तीसरे साथी दीपक सेमवाल निवासी ग्राम अंजनीसैन पट्टी जाखनीधार जिला टिहरी गढ़वाल का नाम उजागर किया। दीपक मोबाइल का पासकोड तोड़कर नया यूपीआई पिन तैयार करता था। उसकी निशानदेही पर चोरी हुआ मोबाइल और ईयरबड्स भी बरामद कर लिए गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक बिपिन चंद्र पाठक ने बताया कि जांच में सामने आया कि अंश और बलदेव लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते थे। हरिद्वार स्टेशन पर ट्रेनों के अपेक्षाकृत अधिक ठहराव के दौरान और यात्रियों के प्लेटफॉर्म पर उतरने की स्थिति में उन्हें सबसे ज्यादा मौका मिलता था। इसके बाद वे देहरादून में दीपक के पास पहुंचते, जहां मोबाइल अनलॉक कर रकम निकालते थे। बताया कि अंश और बलदेव के खिलाफ पहले से चोरी, गैंगस्टर समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। तीनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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