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Kotdwar News: बैंक कर्मियों ने पीएनबी के समक्ष किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 27 Jan 2026 05:13 PM IST
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प्रदर्शनकारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह करने की उठाई मांग
मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
कोटद्वार। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर एक दिवसीय राष्ट्र व्यापी हड़ताल के तहत कोटद्वार के बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों ने मंगलवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के समक्ष नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कार्य सप्ताह छह के बजाय पांच दिवसीय करने की मांग की।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2023 में इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के लिए द्विपक्षीय समझौता हुआ था और इसे स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय को भेज दिया गया था लेकिन अभी तक यह वहां लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मी लगातार अपनी इस मांग के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
वर्ष 2025 में भी हड़ताल का आह्वान किया गया था। तब केंद्रीय श्रम अयुक्त (सीएलसी) की ओर से बुलाई गई मीटिंग में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता कर इसे स्वीकृति दिला देंगे लेकिन अभी तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है। प्रदर्शनकारियों में यूएफबीयू के नगर संयोजक धर्मपाल सिंह बिट, उत्तराखंड बैंक इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री बीरेंद्र सिंह रावत, हरजीत सिंह, रमेश नेगी, भीम प्रसाद शामिल रहे।
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बैंक कर्मियों की हड़ताल से ग्राहक हुए परेशान, बैरंग लौटे लोग
मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते बैंक बंद होने से ग्राहकों को बैंकिंग कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण बैंक बंद होने से उन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को गणतंत्र दिवस पर बैंक बंद थे। हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, यूनियन बैंक, केनरा बैंक सहित सभी राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मियों के शामिल होने के कारण इन बैंकों में बैंकिंग सेवाएं ठप रही। हालांकि प्राइवेट बैंक व सहकारी बैंक खुले रहने से लोगों को कुछ राहत अवश्य मिली।
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कोटद्वार। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर एक दिवसीय राष्ट्र व्यापी हड़ताल के तहत कोटद्वार के बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों ने मंगलवार को बदरीनाथ मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के समक्ष नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने कार्य सप्ताह छह के बजाय पांच दिवसीय करने की मांग की।
इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2023 में इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के साथ पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के लिए द्विपक्षीय समझौता हुआ था और इसे स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय को भेज दिया गया था लेकिन अभी तक यह वहां लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मी लगातार अपनी इस मांग के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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वर्ष 2025 में भी हड़ताल का आह्वान किया गया था। तब केंद्रीय श्रम अयुक्त (सीएलसी) की ओर से बुलाई गई मीटिंग में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता कर इसे स्वीकृति दिला देंगे लेकिन अभी तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है। प्रदर्शनकारियों में यूएफबीयू के नगर संयोजक धर्मपाल सिंह बिट, उत्तराखंड बैंक इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री बीरेंद्र सिंह रावत, हरजीत सिंह, रमेश नेगी, भीम प्रसाद शामिल रहे।
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बैंक कर्मियों की हड़ताल से ग्राहक हुए परेशान, बैरंग लौटे लोग
मंगलवार को लगातार तीसरे दिन भी बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते बैंक बंद होने से ग्राहकों को बैंकिंग कार्य में परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के कारण बैंक बंद होने से उन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को गणतंत्र दिवस पर बैंक बंद थे। हड़ताल में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, यूनियन बैंक, केनरा बैंक सहित सभी राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मियों के शामिल होने के कारण इन बैंकों में बैंकिंग सेवाएं ठप रही। हालांकि प्राइवेट बैंक व सहकारी बैंक खुले रहने से लोगों को कुछ राहत अवश्य मिली।