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Kotdwar News: कौड़िया में पनियाली गदेरे पर तीन साल बाद भी नहीं बन सका पुल
Sun, 19 Jul 2026 06:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 19 Jul 2026 06:16 PM IST
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बरसात में रेलवे लाइन पार कर जान जोखिम में डाल रहे अनूप विहार कॉलोनी के लोग
कोटद्वार। गबर सिंह कैंप कौड़िया के पास पनियाली गदेरे पर अगस्त 2023 की बाढ़ में बही पुलिया के स्थान पर तीन साल बाद भी नए पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के बाद मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की घोषणा की थी। बरसात में अस्थायी वैकल्पिक मार्ग भी क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
अतिवृष्टि के दौरान आई बाढ़ में पुलिया बहने से काशीरामपुर तल्ला की अनूप विहार कॉलोनी का संपर्क प्रभावित हो गया था। सेना के गबर सिंह कैंप का प्रवेश द्वार भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद लोनिवि दुगड्डा ने करीब पांच लाख की लागत से तीन ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी मार्ग तैयार कराया था। विभाग ने रेलवे और सेना के अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वे भी किया लेकिन पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी।
वर्तमान में बरसात के कारण सड़क व वैकल्पिक मार्ग की मिट्टी बहने से सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। कॉलोनी के लोगों को अपने वाहन रेलवे लाइन के दूसरी ओर खड़े करने पड़ रहे हैं। बाजार से लाया गया सामान रेलवे पटरी पार करते समय कंधों पर ढोना पड़ रहा है। स्कूली बच्चे भी प्रतिदिन रेलवे लाइन पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
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.
-बोले क्षेत्रवासी
पुल निर्माण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब लोगों ने ज्ञापन देना भी बंद कर दिया है। सरकार को जनहित में शीघ्र पुल का निर्माण कराना चाहिए।
- रघुवीर सिंह रावत, स्थानीय निवासी।
.
बरसात में वैकल्पिक मार्ग प्रभावित होने से वाहन रेलवे लाइन के दूसरी ओर खड़े करने पड़ते हैं। सबसे अधिक परेशानी मरीजों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। पुल निर्माण क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
- मनीष सिंह रावत, स्थानीय निवासी।
.
पुल निर्माण की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है, जिसकी प्रक्रिया गतिमान है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा।
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फोटो समाचार
जारी
अशोक केष्टवाल
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कोटद्वार। गबर सिंह कैंप कौड़िया के पास पनियाली गदेरे पर अगस्त 2023 की बाढ़ में बही पुलिया के स्थान पर तीन साल बाद भी नए पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा के बाद मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण की घोषणा की थी। बरसात में अस्थायी वैकल्पिक मार्ग भी क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
अतिवृष्टि के दौरान आई बाढ़ में पुलिया बहने से काशीरामपुर तल्ला की अनूप विहार कॉलोनी का संपर्क प्रभावित हो गया था। सेना के गबर सिंह कैंप का प्रवेश द्वार भी क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद लोनिवि दुगड्डा ने करीब पांच लाख की लागत से तीन ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी मार्ग तैयार कराया था। विभाग ने रेलवे और सेना के अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्वे भी किया लेकिन पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी।
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वर्तमान में बरसात के कारण सड़क व वैकल्पिक मार्ग की मिट्टी बहने से सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है। कॉलोनी के लोगों को अपने वाहन रेलवे लाइन के दूसरी ओर खड़े करने पड़ रहे हैं। बाजार से लाया गया सामान रेलवे पटरी पार करते समय कंधों पर ढोना पड़ रहा है। स्कूली बच्चे भी प्रतिदिन रेलवे लाइन पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
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-बोले क्षेत्रवासी
पुल निर्माण के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब लोगों ने ज्ञापन देना भी बंद कर दिया है। सरकार को जनहित में शीघ्र पुल का निर्माण कराना चाहिए।
- रघुवीर सिंह रावत, स्थानीय निवासी।
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बरसात में वैकल्पिक मार्ग प्रभावित होने से वाहन रेलवे लाइन के दूसरी ओर खड़े करने पड़ते हैं। सबसे अधिक परेशानी मरीजों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। पुल निर्माण क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
- मनीष सिंह रावत, स्थानीय निवासी।
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पुल निर्माण की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है, जिसकी प्रक्रिया गतिमान है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि दुगड्डा।
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जारी
अशोक केष्टवाल