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Kotdwar News: ऑनलाइन मार्केटिंग व बड़े शॉपिंग माॅल खुलने व्यापार पड़ा मंदा
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 23 Mar 2026 06:43 PM IST
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छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा सबसे ज्यादा असर, बैंक ऋण व टैक्स जमा कराना हुआ मुश्किल
कोटद्वार। ऑनलाइन मार्केटिंग व बड़े शॉपिंग मॉल खुलने के बाद कोटद्वार नगर का स्थानीय व्यापार घटता जा रहा है। सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। कई कारोबारियों का पूरा दिन ग्राहकों के इंतजार में गुजर रहा है। ऐसे में कई कारोबारी बैंक ऋण व टैक्स तक जमा नहीं करा पा रहे हैं।
दुगड्डा की मंडी कोटद्वार में शिफ्ट होने के बाद पूर्व में पूरे गढ़वाल का व्यापार यहीं से संचालित होता था। व्यापारी पौड़ी जनपद के साथ ही रुद्रप्रयाग, चमोली व उत्तरकाशी जनपद के सीमांत क्षेत्र तक सामान की आपूर्ति करते थे। देवप्रयाग-ऋषिकेश मार्ग व रिखणीखाल-बंजा देवी मार्ग बनने के बाद रामनगर व ऋषिकेश से भी गढ़वाल को सामान की आपूर्ति होने लगी जिससे कोटद्वार मंडी से गढ़वाल की आपूर्ति घटने लगी।
वर्तमान में डिजिटल व ऑनलाइन मार्केटिंग के साथ ही नगर में कई बड़ी कंपनियों के शॉपिंग माॅल खुलने के बाद कारोबार पूरी तरह सिमट गया है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। रेडिमेड गारमेंट्स, राशन, कपड़ा, बर्तन, कास्मेटिक, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, बेकरी समेत सभी व्यवसायों से जुड़े कारोबारी परेशान हैं। कई व्यापारियों के लिए बैंक ऋण व टैक्स जमा कराना भी मुश्किल हो गया है।
ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियां छोटी से छोटी चीज भी फोन करने के कुछ देर बाद ही घर पर पहुंचा रही है। इसका असर छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है।
- संजय मित्तल, व्यवसायी गोखले मार्ग। (फोटो)
कई कारोबारी तो बैंक ऋण की किश्त व टैक्स भी जमा कराने की स्थिति में नहीं हैं। बस किसी तरह अपना गुजर-बसर कर रहे हैं और पलायन को मजबूर हैं।
- विवेक अग्रवाल, जिलाध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। (फोटो)
- ग्राहक ऑनलाइन मार्केट के हिसाब से ही उत्पादों के दाम देता है जिससे उत्पादों पर मिलने वाला लाभ काफी कम हो गया है। अपनी दुकान व गोदाम वाले दुकानदार ही बाजार में टिक सकते हैं।
- बिजेंद्र सिंह भंडारी, इलेक्टॉनिक उत्पाद विक्रेता। (फोटो)
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ऑनलाइन मार्केटिंग के बाद कारोबार सिमटकर महज 25 फीसदी तक रह गया है। मूल्य कम होने के कारण ऑनलाइन मार्केटिंग की ओर ग्राहकों का झुकाव ज्यादा है।
- अब्दुल वाजिद, कपड़ा व्यवसायी। (फोटो)
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कोटद्वार। ऑनलाइन मार्केटिंग व बड़े शॉपिंग मॉल खुलने के बाद कोटद्वार नगर का स्थानीय व्यापार घटता जा रहा है। सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। कई कारोबारियों का पूरा दिन ग्राहकों के इंतजार में गुजर रहा है। ऐसे में कई कारोबारी बैंक ऋण व टैक्स तक जमा नहीं करा पा रहे हैं।
दुगड्डा की मंडी कोटद्वार में शिफ्ट होने के बाद पूर्व में पूरे गढ़वाल का व्यापार यहीं से संचालित होता था। व्यापारी पौड़ी जनपद के साथ ही रुद्रप्रयाग, चमोली व उत्तरकाशी जनपद के सीमांत क्षेत्र तक सामान की आपूर्ति करते थे। देवप्रयाग-ऋषिकेश मार्ग व रिखणीखाल-बंजा देवी मार्ग बनने के बाद रामनगर व ऋषिकेश से भी गढ़वाल को सामान की आपूर्ति होने लगी जिससे कोटद्वार मंडी से गढ़वाल की आपूर्ति घटने लगी।
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वर्तमान में डिजिटल व ऑनलाइन मार्केटिंग के साथ ही नगर में कई बड़ी कंपनियों के शॉपिंग माॅल खुलने के बाद कारोबार पूरी तरह सिमट गया है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। रेडिमेड गारमेंट्स, राशन, कपड़ा, बर्तन, कास्मेटिक, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, बेकरी समेत सभी व्यवसायों से जुड़े कारोबारी परेशान हैं। कई व्यापारियों के लिए बैंक ऋण व टैक्स जमा कराना भी मुश्किल हो गया है।
ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनियां छोटी से छोटी चीज भी फोन करने के कुछ देर बाद ही घर पर पहुंचा रही है। इसका असर छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है।
- संजय मित्तल, व्यवसायी गोखले मार्ग। (फोटो)
कई कारोबारी तो बैंक ऋण की किश्त व टैक्स भी जमा कराने की स्थिति में नहीं हैं। बस किसी तरह अपना गुजर-बसर कर रहे हैं और पलायन को मजबूर हैं।
- विवेक अग्रवाल, जिलाध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। (फोटो)
- ग्राहक ऑनलाइन मार्केट के हिसाब से ही उत्पादों के दाम देता है जिससे उत्पादों पर मिलने वाला लाभ काफी कम हो गया है। अपनी दुकान व गोदाम वाले दुकानदार ही बाजार में टिक सकते हैं।
- बिजेंद्र सिंह भंडारी, इलेक्टॉनिक उत्पाद विक्रेता। (फोटो)
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ऑनलाइन मार्केटिंग के बाद कारोबार सिमटकर महज 25 फीसदी तक रह गया है। मूल्य कम होने के कारण ऑनलाइन मार्केटिंग की ओर ग्राहकों का झुकाव ज्यादा है।
- अब्दुल वाजिद, कपड़ा व्यवसायी। (फोटो)