{"_id":"69d3ef460aa87400c0003619","slug":"demand-for-elevated-road-on-laldhang-route-sit-in-protest-staged-kotdwar-news-c-5-1-drn1020-940206-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: लालढांग मार्ग को एलिवेटेड रोड बनाने की मांग, धरना-प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: लालढांग मार्ग को एलिवेटेड रोड बनाने की मांग, धरना-प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:07 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos
राज्य गठन के बाद से ही लालढांग चिल्लरखाल मार्ग के साथ हो रहा उपेक्षापूर्ण व्यवहार
कण्वघाटी/कोटद्वार। लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को एलिवेटेड मार्ग बनाने की मांग को लेकर चल रहा क्षेत्रवासियों का धरना प्रदर्शन सोमवार को 206वें दिन में पहुंच गया है। चिल्लरखाल वन विभाग बैरियर के पास संघर्ष समिति की ओर से चल रहे धरना प्रदर्शन में मार्ग निर्माण की मांग दोहराई गई। कहा कि राज्य गठन के बाद भी कोटद्वार से हरिद्वार के बीच आवाजाही के लिए सड़क का न बनना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। क्षेत्रवासी गड्ढों, धूलभरी ऊबड़ खाबड़ सड़क पर आवागमन करने को मजबूर हैं।
धरना प्रदर्शन करते हुए आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार पर कोटद्वार क्षेत्र की जनता की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने मामले की सुप्रीम कोर्ट से सही तरीके से पैरवी तक नहीं की। निर्माण पर लगी रोक हटी तो कामर्शियल वाहनों पर रोक लग गई। कहा कि सरकार को इस मार्ग की उपयोगिता को देखते हुए एलिवेटेड रोड का निर्माण कराना चाहिए, जिससे वन्यजीवों की आवाजाही के साथ ही हर प्रकार के वाहनों की सुगम आवाजाही हो सके। कहा कि पहाड़ में चारधाम यात्रा मार्ग समेत हर प्रांत में सड़क बन रही हैं, लेकिन लालढांग मार्ग के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। व्यावसायिक वाहनों पर लगी रोक से क्षेत्रवासियों के व्यवसाय पर संकट पैदा हो गया है। इस अवसर पर रविन्द्र सौंद, गोवर्धन काला, कृपाल सिंह, नरेश धस्माना, गणेश रावत, मोहन सिंह, कल्पना जोशी, जगत सिंह मौजूद रहे।
कण्वघाटी/कोटद्वार। लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को एलिवेटेड मार्ग बनाने की मांग को लेकर चल रहा क्षेत्रवासियों का धरना प्रदर्शन सोमवार को 206वें दिन में पहुंच गया है। चिल्लरखाल वन विभाग बैरियर के पास संघर्ष समिति की ओर से चल रहे धरना प्रदर्शन में मार्ग निर्माण की मांग दोहराई गई। कहा कि राज्य गठन के बाद भी कोटद्वार से हरिद्वार के बीच आवाजाही के लिए सड़क का न बनना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। क्षेत्रवासी गड्ढों, धूलभरी ऊबड़ खाबड़ सड़क पर आवागमन करने को मजबूर हैं।
धरना प्रदर्शन करते हुए आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार पर कोटद्वार क्षेत्र की जनता की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने मामले की सुप्रीम कोर्ट से सही तरीके से पैरवी तक नहीं की। निर्माण पर लगी रोक हटी तो कामर्शियल वाहनों पर रोक लग गई। कहा कि सरकार को इस मार्ग की उपयोगिता को देखते हुए एलिवेटेड रोड का निर्माण कराना चाहिए, जिससे वन्यजीवों की आवाजाही के साथ ही हर प्रकार के वाहनों की सुगम आवाजाही हो सके। कहा कि पहाड़ में चारधाम यात्रा मार्ग समेत हर प्रांत में सड़क बन रही हैं, लेकिन लालढांग मार्ग के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। व्यावसायिक वाहनों पर लगी रोक से क्षेत्रवासियों के व्यवसाय पर संकट पैदा हो गया है। इस अवसर पर रविन्द्र सौंद, गोवर्धन काला, कृपाल सिंह, नरेश धस्माना, गणेश रावत, मोहन सिंह, कल्पना जोशी, जगत सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन