{"_id":"6a5cc3146b597a62d70e9a27","slug":"drinking-water-source-turned-into-a-garbage-dump-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1007-125158-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: पेयजल स्रोत को बना डाला कूड़ादान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: पेयजल स्रोत को बना डाला कूड़ादान
Sun, 19 Jul 2026 05:59 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 19 Jul 2026 05:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोनिवि और ब्लॉक मुख्यालय पर मिल रहा गंदा पानी
रिवाली पेयजल स्रोत की सुरक्षा के लिए पूर्व में हो चुके हैं कई काम
दुगड्डा (कोटद्वार)। लोनिवि दुगड्डा एवं ब्लाॅक मुख्यालय को दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। ब्लाॅक मुख्यालय से करीब दो किमी दूर पेयजल आपूर्ति के जल स्रोत में कचरा डालकर लोग इसे दूषित कर रहे हैं।
लोनिवि व विकास खंड मुख्यालय में पूर्व में पेयजल की आपूर्ति मोड़ाखाल मंदिर के निकट प्राकृतिक रिवाली जलस्रोत से होती थी। इसका रखरखाव लोनिवि की ओर से किया जाता था। 80 के दशक में पेयजल स्रोत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लोनिवि द्वारा स्रोत के चारों ओर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था जो कि रखरखाव के अभाव में ध्वस्त हो गई।
दो वर्ष पूर्व जल निगम की ओर से पेयजल योजना का रखरखाव किया गया था। ब्लॉक मुख्यालय में जल संचय के लिए एक पक्के टैंक का निर्माण भी कराया गया था। तमाम जागरूकता अभियान भी कुछ लोगों को स्वच्छता के प्रति गंभीर नहीं बना सके। यही कारण है कि जंगलों में जलस्रोत भी कचरे के ढेर में तब्दील होने लगे हैं। दरअसल जलस्रोत काकटेल पार्टी का अड्डा बन चुका है। जंगल के मध्य स्थित रिवाली स्रोत में लोग जैविक-अजैविक कचरा फेंककर चले जाते हैं।
विज्ञापन
ब्लॉक प्रमुख सूरज नेगी ने बताया कि जलस्रोत को गंदा करने की शिकायत पर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। वास्तव में क्षेत्र अजैविक कचरे का डंपिंग जोन बन गया है। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
रिवाली पेयजल स्रोत की सुरक्षा के लिए पूर्व में हो चुके हैं कई काम
दुगड्डा (कोटद्वार)। लोनिवि दुगड्डा एवं ब्लाॅक मुख्यालय को दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। ब्लाॅक मुख्यालय से करीब दो किमी दूर पेयजल आपूर्ति के जल स्रोत में कचरा डालकर लोग इसे दूषित कर रहे हैं।
लोनिवि व विकास खंड मुख्यालय में पूर्व में पेयजल की आपूर्ति मोड़ाखाल मंदिर के निकट प्राकृतिक रिवाली जलस्रोत से होती थी। इसका रखरखाव लोनिवि की ओर से किया जाता था। 80 के दशक में पेयजल स्रोत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लोनिवि द्वारा स्रोत के चारों ओर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था जो कि रखरखाव के अभाव में ध्वस्त हो गई।
विज्ञापन
दो वर्ष पूर्व जल निगम की ओर से पेयजल योजना का रखरखाव किया गया था। ब्लॉक मुख्यालय में जल संचय के लिए एक पक्के टैंक का निर्माण भी कराया गया था। तमाम जागरूकता अभियान भी कुछ लोगों को स्वच्छता के प्रति गंभीर नहीं बना सके। यही कारण है कि जंगलों में जलस्रोत भी कचरे के ढेर में तब्दील होने लगे हैं। दरअसल जलस्रोत काकटेल पार्टी का अड्डा बन चुका है। जंगल के मध्य स्थित रिवाली स्रोत में लोग जैविक-अजैविक कचरा फेंककर चले जाते हैं।
विज्ञापन
ब्लॉक प्रमुख सूरज नेगी ने बताया कि जलस्रोत को गंदा करने की शिकायत पर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। वास्तव में क्षेत्र अजैविक कचरे का डंपिंग जोन बन गया है। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।