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Kotdwar News: आमसौड़ में हाथियों का उत्पात, बागवानी की तहस नहस
Sat, 20 Jun 2026 06:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 20 Jun 2026 06:24 PM IST
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एक माह से गांव में लगातार पहुंच रहे हाथी के झुंड, ग्रामीणों ने की गश्त बढ़ाने की मांग
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के आमसौड़ गांव में इन दिनों हाथियों का आतंक बना हुआ है। हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों की बागवानी और चारापत्ती के पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाया है। परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने और फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
आमसौड़ निवासी समाज सेवी इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि पिछले एक माह से हाथियों का झुंड लगातार गांव के आसपास सक्रिय है। दिन में हाथी नदी और जंगल की ओर चले जाते हैं जबकि शाम ढलते ही गांव में पहुंचकर उत्पात मचाने लगते हैं। उन्होंने बताया कि हाथियों ने उनके अलावा उमेश, बलवंत सिंह, रमेश, बबी, दीना और प्रेम सिंह समेत कई ग्रामीणों की आम, नींबू, आंवला और लीची की बागवानी को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही केले के पेड़ों को भी तोड़ डाला है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में 15 से 16 हाथियों का झुंड घूम रहा है। हाथी लगातार चारा-पत्ती के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग जंगल में चारा-पत्ती लेने जाने से भी बच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले एक माह से हाथियों के आतंक से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022-23 में हुए नुकसान का मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है। ग्रामीणों ने वन विभाग से वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने, हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने और बचाव के लिए पटाखे उपलब्ध कराने की मांग की है।
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कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के आमसौड़ गांव में इन दिनों हाथियों का आतंक बना हुआ है। हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों की बागवानी और चारापत्ती के पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाया है। परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने और फसलों के नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
आमसौड़ निवासी समाज सेवी इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि पिछले एक माह से हाथियों का झुंड लगातार गांव के आसपास सक्रिय है। दिन में हाथी नदी और जंगल की ओर चले जाते हैं जबकि शाम ढलते ही गांव में पहुंचकर उत्पात मचाने लगते हैं। उन्होंने बताया कि हाथियों ने उनके अलावा उमेश, बलवंत सिंह, रमेश, बबी, दीना और प्रेम सिंह समेत कई ग्रामीणों की आम, नींबू, आंवला और लीची की बागवानी को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही केले के पेड़ों को भी तोड़ डाला है।
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ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में 15 से 16 हाथियों का झुंड घूम रहा है। हाथी लगातार चारा-पत्ती के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग जंगल में चारा-पत्ती लेने जाने से भी बच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले एक माह से हाथियों के आतंक से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022-23 में हुए नुकसान का मुआवजा भी अभी तक नहीं मिला है। ग्रामीणों ने वन विभाग से वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने, हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने और बचाव के लिए पटाखे उपलब्ध कराने की मांग की है।
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