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Kotdwar News: बीरोंखाल सीएचसी में सुविधाओं पर लगा ताला
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 17 Jan 2026 05:15 PM IST
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पीपीपी मोड हटते ही ठप हुई एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवा
महिला, हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक्स-रे तकनीशियन के बिना चल रहा अस्पताल
बैजरो/बीरोंखाल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल महिला रोग विशेषज्ञ, एक्स-रे तकनीशियन के बिना ही संचालित हो रहा हो रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद भी अस्पताल में सृजित नहीं है। गत चार साल से पीपीपी मोड पर चल रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल को बीते वर्ष अप्रैल में स्वास्थ्य विभाग ने पुन: अपनी सुपुर्दगी में ले लिया था। बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों के अस्पताल में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
एक अप्रैल, 2025 से पूर्व चार साल तक शिवम सर्वम मेडिकल कंपनी की ओर से अस्पताल का संचालन पीपीपी मोड पर किया जा रहा था जिसके तहत छह विशेषज्ञ चिकित्सक, गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, लैब तकनीशियन सहित 22 स्थानीय युवक-युवतियां विभिन्न पदों पर कार्यरत थे।
पीपीपी मोड में संचालित होने के बाद जहां अस्पताल में मेडिकल सुविधाएं बढ़ी थी। वहीं, गायनोलॉजिस्ट, ईएनटी सहित छह डाक्टरों की भी तैनाती की थी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे व लैब तकनीशियन सहित सभी आवश्यक पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे। 1 अप्रैल, 2025 से पीपीपी मोड से हटने और स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने के बाद से ये सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई है।
वर्तमान में केवल पांच सामान्य चिकित्सकों की तैनाती ही हो पाई है। अल्ट्रासाउंड हफ्ते में एक बार थलीसैंण से महिला विशेषज्ञ आकर करती है। एक्स-रे सेवा भी आए दिन बाधित होती रही है जिससे क्षेत्रवासियों को पुनः एक्स-रे कराने के लिए रामनगर व कोटद्वार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिससे उनका समय व धन दोनों खर्च हो रहा है।
पूर्व ब्लॉक दर्शन सिंह रिंगोडा, सुरेंद्र सिंह रावत, कौशल्या देवी, दिलीप नेगी, उर्मिला देवी ने अस्पताल में पूर्व की भांति चिकित्सकों व तकनीकी स्टाफ के तैनाती की मांग उठाई है।
वर्तमान में केवल पांच चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है लेकिन वे विशेषज्ञ नहीं हैं। फिलहाल गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को होता है। एक्सरे सेवा तकनीशियन के अभाव में ठप पड़ा है।
- डॉ. शैलेंद्र सिंह रावत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी बीरोंखाल
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महिला, हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक्स-रे तकनीशियन के बिना चल रहा अस्पताल
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एक अप्रैल, 2025 से पूर्व चार साल तक शिवम सर्वम मेडिकल कंपनी की ओर से अस्पताल का संचालन पीपीपी मोड पर किया जा रहा था जिसके तहत छह विशेषज्ञ चिकित्सक, गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, लैब तकनीशियन सहित 22 स्थानीय युवक-युवतियां विभिन्न पदों पर कार्यरत थे।
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पीपीपी मोड में संचालित होने के बाद जहां अस्पताल में मेडिकल सुविधाएं बढ़ी थी। वहीं, गायनोलॉजिस्ट, ईएनटी सहित छह डाक्टरों की भी तैनाती की थी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे व लैब तकनीशियन सहित सभी आवश्यक पदों पर कर्मचारी कार्यरत थे। 1 अप्रैल, 2025 से पीपीपी मोड से हटने और स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने के बाद से ये सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई है।
वर्तमान में केवल पांच सामान्य चिकित्सकों की तैनाती ही हो पाई है। अल्ट्रासाउंड हफ्ते में एक बार थलीसैंण से महिला विशेषज्ञ आकर करती है। एक्स-रे सेवा भी आए दिन बाधित होती रही है जिससे क्षेत्रवासियों को पुनः एक्स-रे कराने के लिए रामनगर व कोटद्वार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिससे उनका समय व धन दोनों खर्च हो रहा है।
पूर्व ब्लॉक दर्शन सिंह रिंगोडा, सुरेंद्र सिंह रावत, कौशल्या देवी, दिलीप नेगी, उर्मिला देवी ने अस्पताल में पूर्व की भांति चिकित्सकों व तकनीकी स्टाफ के तैनाती की मांग उठाई है।
वर्तमान में केवल पांच चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है लेकिन वे विशेषज्ञ नहीं हैं। फिलहाल गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को होता है। एक्सरे सेवा तकनीशियन के अभाव में ठप पड़ा है।
- डॉ. शैलेंद्र सिंह रावत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी बीरोंखाल