{"_id":"6a45159ab8c330f5a808b1f7","slug":"fear-of-leopards-rises-in-kotdwar-too-one-spotted-on-the-wall-of-a-gas-warehouse-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-124756-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: कोटद्वार में भी बढ़ी गुलदार की दहशत, गैस गोदाम की दीवार पर दिखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: कोटद्वार में भी बढ़ी गुलदार की दहशत, गैस गोदाम की दीवार पर दिखा
Wed, 01 Jul 2026 07:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 01 Jul 2026 07:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन पहले महिला पर किया था हमला, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त
कोटद्वार। पहाड़ के बाद अब कोटद्वार शहर और आसपास के इलाकों में भी गुलदार की दहशत बढ़ने लगी है। मंगलवार रात गिंवाई स्रोत क्षेत्र में गुलदार ने एक पशुपालक की बकरी को मार डाला जबकि बुधवार सुबह कौड़िया स्थित दिल्ली फार्म के पास इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम की दीवार पर गुलदार दिखाई देने से इलाके में दहशत बनी रही।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे गैस गोदाम के चौकीदार प्रदीप ने गुलदार को दीवार पर बैठे देखा। शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। मंगलवार रात गिंवाई स्रोत निवासी एक पशुपालक की बकरी को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। लगातार आबादी के आसपास गुलदार की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
बीते कुछ दिनों में कोटद्वार और आसपास के क्षेत्र में गुलदार के हमलों की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। तीन दिन पहले प्रताप कॉलोनी, शिवपुर निवासी रामेश्वरी देवी पर गुलदार ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इससे पहले 20 जून को तिलवाढांग चौकी के समीप मानसिक रूप से अस्वस्थ एक व्यक्ति पर भी गुलदार ने हमला किया। वहीं, 29 मई को कोटड़ीढांग निवासी रीना देवी भी गुलदार के हमले में घायल हुई थीं।
विज्ञापन
कोटद्वार रेंज के रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि गिंवाईस्रोत में गुलदार द्वारा बकरी को मारने और कौड़िया क्षेत्र में गुलदार दिखने की सूचना मिली है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।
गुलदार के डर से बच्चे स्कूल ही नहीं जा पाए
बणासी तल्ली में चौथे दिन भी गुलदार की दहशत, ग्रामीण समूह में जा रहे बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार/धुमाकोट। नैनीडांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सतखोलू के बणासी तल्ली गांव में गुलदार की दहशत बनी है जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। ग्रामीण भी समूह बनाकर सल्ड महादेव बाजार तक आवाजाही कर रहे हैं। वन विभाग के शूटर गांव में डेरा डाले हुए हैं जबकि वनकर्मियों की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।
ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र ने बताया कि बणासी तल्ली के दो और बणासी मल्ला के 12 बच्चे जो दो किलोमीटर दूर कलिंगाखाल पढ़ने जाते हैं बुधवार को गुलदार के भय से स्कूल नहीं गए। वहीं औलेथ, सतखोलू तल्ला और सतखोलू मल्ला के छात्र भी सल्ड महादेव स्थित आईटीआई नहीं गए।महिलाएं घर के आसपास के खेतों से ही चारापत्ती ला रही हैं। वहीं ग्रामीण रोजमर्रा के सामान की खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी समूह में सल्ड महादेव बाजार पहुंच रहे हैं। अरविंद सिंह नेगी ने बताया कि गुलदार के भय के कारण सल्ड महादेव स्थित विद्यालयों में आसपास के गांवों से अधिकांश छात्र नहीं पहुंचे। बाजार क्षेत्र के एक-दो बच्चों को छोड़कर अन्य गांवों के विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
जल्द मिल जाएगा मुआवजा
दमदेवल के रेंजर सुभाष घिल्डियाल ने बताया कि गुलदार के हमले में जान गंवाने वाली सुशीला देवी के परिजनों का वारिशनामा तैयार कर पौड़ी डिविजन कार्यालय भेजा जा रहा है। अगले एक-दो दिन में मुआवजे की 30 प्रतिशत राशि परिजनों के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी क्षेत्र में गुलदार की कोई मूवमेंट नहीं मिली लेकिन वन विभाग की दो टीमें लगातार गश्त करते हुए उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
विज्ञापन
कोटद्वार। पहाड़ के बाद अब कोटद्वार शहर और आसपास के इलाकों में भी गुलदार की दहशत बढ़ने लगी है। मंगलवार रात गिंवाई स्रोत क्षेत्र में गुलदार ने एक पशुपालक की बकरी को मार डाला जबकि बुधवार सुबह कौड़िया स्थित दिल्ली फार्म के पास इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम की दीवार पर गुलदार दिखाई देने से इलाके में दहशत बनी रही।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब छह बजे गैस गोदाम के चौकीदार प्रदीप ने गुलदार को दीवार पर बैठे देखा। शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। मंगलवार रात गिंवाई स्रोत निवासी एक पशुपालक की बकरी को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। लगातार आबादी के आसपास गुलदार की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
विज्ञापन
बीते कुछ दिनों में कोटद्वार और आसपास के क्षेत्र में गुलदार के हमलों की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। तीन दिन पहले प्रताप कॉलोनी, शिवपुर निवासी रामेश्वरी देवी पर गुलदार ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इससे पहले 20 जून को तिलवाढांग चौकी के समीप मानसिक रूप से अस्वस्थ एक व्यक्ति पर भी गुलदार ने हमला किया। वहीं, 29 मई को कोटड़ीढांग निवासी रीना देवी भी गुलदार के हमले में घायल हुई थीं।
विज्ञापन
कोटद्वार रेंज के रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि गिंवाईस्रोत में गुलदार द्वारा बकरी को मारने और कौड़िया क्षेत्र में गुलदार दिखने की सूचना मिली है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है।
गुलदार के डर से बच्चे स्कूल ही नहीं जा पाए
बणासी तल्ली में चौथे दिन भी गुलदार की दहशत, ग्रामीण समूह में जा रहे बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार/धुमाकोट। नैनीडांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सतखोलू के बणासी तल्ली गांव में गुलदार की दहशत बनी है जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। ग्रामीण भी समूह बनाकर सल्ड महादेव बाजार तक आवाजाही कर रहे हैं। वन विभाग के शूटर गांव में डेरा डाले हुए हैं जबकि वनकर्मियों की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है।
ग्राम प्रधान सुभाष चंद्र ने बताया कि बणासी तल्ली के दो और बणासी मल्ला के 12 बच्चे जो दो किलोमीटर दूर कलिंगाखाल पढ़ने जाते हैं बुधवार को गुलदार के भय से स्कूल नहीं गए। वहीं औलेथ, सतखोलू तल्ला और सतखोलू मल्ला के छात्र भी सल्ड महादेव स्थित आईटीआई नहीं गए।महिलाएं घर के आसपास के खेतों से ही चारापत्ती ला रही हैं। वहीं ग्रामीण रोजमर्रा के सामान की खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए भी समूह में सल्ड महादेव बाजार पहुंच रहे हैं। अरविंद सिंह नेगी ने बताया कि गुलदार के भय के कारण सल्ड महादेव स्थित विद्यालयों में आसपास के गांवों से अधिकांश छात्र नहीं पहुंचे। बाजार क्षेत्र के एक-दो बच्चों को छोड़कर अन्य गांवों के विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
जल्द मिल जाएगा मुआवजा
दमदेवल के रेंजर सुभाष घिल्डियाल ने बताया कि गुलदार के हमले में जान गंवाने वाली सुशीला देवी के परिजनों का वारिशनामा तैयार कर पौड़ी डिविजन कार्यालय भेजा जा रहा है। अगले एक-दो दिन में मुआवजे की 30 प्रतिशत राशि परिजनों के खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को भी क्षेत्र में गुलदार की कोई मूवमेंट नहीं मिली लेकिन वन विभाग की दो टीमें लगातार गश्त करते हुए उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।