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मैंणाई पूजन : देवी स्वरूप बिटिया की आराधना की
Wed, 01 Jul 2026 07:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 01 Jul 2026 07:07 PM IST
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नयार तट पर उमड़ी भीड़, ढोल-दमाऊं की थाप पर मायके और मामाकोट पक्ष के लोग लाए कलेऊ
पूजन के बाद हुई बारिश, नयार नदी किनारे बेटी के मंदिर निर्माण पर बनी सहमति
कोटद्वार। एकेश्वर और पाबौ ब्लॉक की मवालस्यूं, घुड़दौड़स्यूं और खातस्यूं पट्टियों में पारंपरिक मैंणाई पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ हुई। इस दौरान देवी स्वरूप बिटिया की पूजा-अर्चना की गई। ढोल-दमाऊं की गूंज, देवी मंडाण और लोक परंपराओं के बीच नयार नदी तट पर धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।
पूजन के लिए मायके पक्ष ग्राम सभा पांग और मामाकोट पक्ष के मासौं-मसेटा गांव के ग्रामीण ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य करते हुए नयार नदी पहुंचे। यहां देवी के ससुराल पक्ष खातस्यूं पट्टी के चुरकंडी गांव के ग्रामीणों ने वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई।
पूजा के उपरांत मायके और मामाकोट पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष को पारंपरिक कलेऊ, दूंण (अनाज) और पिठाई भेंट कर लोकरीति का निर्वहन किया। देवी पूजन के दौरान कई महिलाएं भावुक हो उठीं और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा के समापन पर रोट काटकर देवी को अर्पित किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने सूजी और रोट का प्रसाद ग्रहण किया।
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पूजा संपन्न होने के बाद ग्रामसभा चुरकंडी, पांग और मासौं-मसेटा के ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नयार नदी तट पर देवी स्वरूपा बेटी का मंदिर बनाने पर सर्वसम्मति बनी। तीनों ग्रामसभाओं की ओर से प्रतिनिधि संदीप बिष्ट, पूरण नेगी और रोशनलाल ने प्रस्ताव पंजिका पर हस्ताक्षर कर मंदिर निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही निर्णय लिया गया कि भविष्य में प्रत्येक वर्ष पूरे उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मैंणाई पूजा का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान उत्तरा देवी, संतोषी बिष्ट, आलम बिष्ट, मनोज बिष्ट, कुलदीप नेगी, हुक्म सिंह बिष्ट, संदीप बिष्ट, जसवंत बिष्ट, चंद्रमोहन बिष्ट, संजय गुसाईं, राजबर सिंह गुसाईं, हरेंद्र सिंह गुसाईं, प्रेम सिंह गुसाईं, रणवीर गुसाईं, जयप्रकाश गुसाईं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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पूजन के बाद हुई बारिश, नयार नदी किनारे बेटी के मंदिर निर्माण पर बनी सहमति
कोटद्वार। एकेश्वर और पाबौ ब्लॉक की मवालस्यूं, घुड़दौड़स्यूं और खातस्यूं पट्टियों में पारंपरिक मैंणाई पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ हुई। इस दौरान देवी स्वरूप बिटिया की पूजा-अर्चना की गई। ढोल-दमाऊं की गूंज, देवी मंडाण और लोक परंपराओं के बीच नयार नदी तट पर धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला।
पूजन के लिए मायके पक्ष ग्राम सभा पांग और मामाकोट पक्ष के मासौं-मसेटा गांव के ग्रामीण ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य करते हुए नयार नदी पहुंचे। यहां देवी के ससुराल पक्ष खातस्यूं पट्टी के चुरकंडी गांव के ग्रामीणों ने वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई।
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पूजा के उपरांत मायके और मामाकोट पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष को पारंपरिक कलेऊ, दूंण (अनाज) और पिठाई भेंट कर लोकरीति का निर्वहन किया। देवी पूजन के दौरान कई महिलाएं भावुक हो उठीं और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा के समापन पर रोट काटकर देवी को अर्पित किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने सूजी और रोट का प्रसाद ग्रहण किया।
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पूजा संपन्न होने के बाद ग्रामसभा चुरकंडी, पांग और मासौं-मसेटा के ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नयार नदी तट पर देवी स्वरूपा बेटी का मंदिर बनाने पर सर्वसम्मति बनी। तीनों ग्रामसभाओं की ओर से प्रतिनिधि संदीप बिष्ट, पूरण नेगी और रोशनलाल ने प्रस्ताव पंजिका पर हस्ताक्षर कर मंदिर निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही निर्णय लिया गया कि भविष्य में प्रत्येक वर्ष पूरे उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मैंणाई पूजा का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान उत्तरा देवी, संतोषी बिष्ट, आलम बिष्ट, मनोज बिष्ट, कुलदीप नेगी, हुक्म सिंह बिष्ट, संदीप बिष्ट, जसवंत बिष्ट, चंद्रमोहन बिष्ट, संजय गुसाईं, राजबर सिंह गुसाईं, हरेंद्र सिंह गुसाईं, प्रेम सिंह गुसाईं, रणवीर गुसाईं, जयप्रकाश गुसाईं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।