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Kotdwar News: पांच करोड़ का पुल सात साल से अधर में लटका
Sat, 20 Jun 2026 04:32 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 20 Jun 2026 04:32 PM IST
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स्यानाचट्टी-कुनसाला-कुपड़ा मोटर मार्ग पर अधूरा पुल उजागर कर रहा लापरवाही
बड़कोट। सरकार एक ओर ग्रामीण संपर्क मार्गों को विकास की रीढ़ बताती है वहीं, बड़कोट क्षेत्र की स्याना चट्टी-कुनसाला-कुपड़ा मोटर मार्ग पर अधूरा पड़ा पुल सरकारी योजनाओं की सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है। वर्ष 2018 में करीब पांच करोड़ की लागत से सड़क के डामरीकरण और कुनसाला के पास मोटर पुल निर्माण की योजना स्वीकृत हुई थी लेकिन सात वर्ष बाद भी पुल निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
स्थिति यह है कि पुल का केवल एक पिलर ही बन पाया है जबकि पिछले करीब एक माह से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि परियोजना का बजट समाप्त हो चुका है। ऐसे में निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। पूर्व प्रधान शैलेन्द्र राणा ने बताया कि सड़क का डामरीकरण तो किसी तरह पूरा कर दिया गया लेकिन पुल के अभाव में पूरी परियोजना का उद्देश्य ही अधूरा रह गया है।
उन्होंने कहा कि मार्ग क्षेत्र के तीन गांव को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और पुल निर्माण में हो रही देरी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। मार्ग का महत्व केवल ग्रामीणों तक सीमित नहीं है।
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चारधाम यात्रा के दौरान मानसून में ओजरी-डाबरकोट भूस्खलन जोन में यातायात बाधित होने पर प्रशासन इसी सड़क को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करता है। ऐसे में पुल निर्माण का वर्षों तक अधूरा रहना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है बल्कि आपदा और आपात स्थिति में वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। पीएमजीएसवाई के ईई योगेंद्र कुमार कहते हैं कि पुल निर्माण कार्य को लेकर अतिरिक्त बजट स्वीकृत किए जाने के लिए इस्टिमेट भेजा है। स्वीकृत मिलने पर शेष कार्य को पूरा किया जाएगा।
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बड़कोट। सरकार एक ओर ग्रामीण संपर्क मार्गों को विकास की रीढ़ बताती है वहीं, बड़कोट क्षेत्र की स्याना चट्टी-कुनसाला-कुपड़ा मोटर मार्ग पर अधूरा पड़ा पुल सरकारी योजनाओं की सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है। वर्ष 2018 में करीब पांच करोड़ की लागत से सड़क के डामरीकरण और कुनसाला के पास मोटर पुल निर्माण की योजना स्वीकृत हुई थी लेकिन सात वर्ष बाद भी पुल निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
स्थिति यह है कि पुल का केवल एक पिलर ही बन पाया है जबकि पिछले करीब एक माह से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि परियोजना का बजट समाप्त हो चुका है। ऐसे में निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। पूर्व प्रधान शैलेन्द्र राणा ने बताया कि सड़क का डामरीकरण तो किसी तरह पूरा कर दिया गया लेकिन पुल के अभाव में पूरी परियोजना का उद्देश्य ही अधूरा रह गया है।
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उन्होंने कहा कि मार्ग क्षेत्र के तीन गांव को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और पुल निर्माण में हो रही देरी का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। मार्ग का महत्व केवल ग्रामीणों तक सीमित नहीं है।
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चारधाम यात्रा के दौरान मानसून में ओजरी-डाबरकोट भूस्खलन जोन में यातायात बाधित होने पर प्रशासन इसी सड़क को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करता है। ऐसे में पुल निर्माण का वर्षों तक अधूरा रहना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है बल्कि आपदा और आपात स्थिति में वैकल्पिक यातायात व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। पीएमजीएसवाई के ईई योगेंद्र कुमार कहते हैं कि पुल निर्माण कार्य को लेकर अतिरिक्त बजट स्वीकृत किए जाने के लिए इस्टिमेट भेजा है। स्वीकृत मिलने पर शेष कार्य को पूरा किया जाएगा।