{"_id":"6a2aae2a128856848f02b6c0","slug":"panic-grips-area-following-leopard-sighting-forest-department-steps-up-patrols-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-124293-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: गुलदार की दस्तक से दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: गुलदार की दस्तक से दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 11 Jun 2026 06:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सीसीटीवी कैमरे में दिखा गुलदार
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के गांवों में गुलदार की लगातार बढ़ती आवाजाही से लोगों में दहशत का माहौल है और लोग रात में घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गौरव जोशी ने बताया कि इन दिनों सिद्धबली मंदिर के आसपास की कॉलोनियों और ग्रास्टनगंज क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां देखी जा रही हैं। बुधवार देर रात करीब एक बजे भी एक घर के आंगन में गुलदार की गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
बीते 29 मई को सनेह रोड स्थित वन विभाग की गंगा वाटिका के समीप पशुओं के लिए चारा काट रही कोटड़ीढांग निवासी रीना देवी (40) पर गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने प्रभावित इलाकों में नियमित गश्त और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। उधर लैंसडौन वन प्रभाग के रेंजर विपिन जोशी ने बताया कि ग्रास्टनगंज और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार की आवाजाही को देखते हुए वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सुबह-शाम और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने, बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और जंगल से सटे इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है।
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के गांवों में गुलदार की लगातार बढ़ती आवाजाही से लोगों में दहशत का माहौल है और लोग रात में घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गौरव जोशी ने बताया कि इन दिनों सिद्धबली मंदिर के आसपास की कॉलोनियों और ग्रास्टनगंज क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां देखी जा रही हैं। बुधवार देर रात करीब एक बजे भी एक घर के आंगन में गुलदार की गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
बीते 29 मई को सनेह रोड स्थित वन विभाग की गंगा वाटिका के समीप पशुओं के लिए चारा काट रही कोटड़ीढांग निवासी रीना देवी (40) पर गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया था। इस घटना के बाद से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों ने प्रभावित इलाकों में नियमित गश्त और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। उधर लैंसडौन वन प्रभाग के रेंजर विपिन जोशी ने बताया कि ग्रास्टनगंज और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार की आवाजाही को देखते हुए वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सुबह-शाम और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने, बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और जंगल से सटे इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन