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Kotdwar News: महज दो कोच की ट्रेन में भीषण गर्मी ने खूब झेलाया लोगों को
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 21 Jun 2026 06:25 PM IST
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हाईवे निर्माणाधीन होने से ट्रेन पर काफी बढ़ चुका है यात्रियों का दबाव, रेलवे ने नहीं बढ़ाया कोच
कोटद्वार। नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग निर्माणाधीन होने का दबाव रेल यातायात पर पड़ा है। ट्रेनों में यात्रियों की संख्या तो काफी बढ़ गई है लेकिन रेलवे ने पैसेंजर ट्रेन कोच नहीं बढ़ाया है। ट्रेन में भारी भीड़ चलने से भीषण गर्मी से यात्रियों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी।
कोटद्वार से नजीबाबाद के बीच तीन पैसेंजर ट्रेन संचालित होती हैं। इनमें सुबह व शाम के समय संचालित ट्रेनों में यात्रियों की संख्या औसत से तीन गुना तक पहुंच गई है। वहीं ट्रेन में मात्र दो ही कोच लगे हैं। एक एसएलआर कोच में ही महिलाओं और दिव्यांगजन के बैठने की सीमित व्यवस्था है।
रविवार सुबह श्री सिद्धबली मंदिर पर परंपरागत पूजा-अर्चना एवं भंडारे का आयोजन होने के कारण सुबह 8:45 बजे नजीबाबाद से चली ट्रेन में लोग गेट पर लटक कर सफर करने को मजबूर हुए। यही आलम पूर्वाह्न 11:35 बजे नजीबाबाद से चली पैसेंजर ट्रेन का रहा। यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन कोटद्वार पहुंची, तो यहां ट्रेन में सवार होने के लिए प्लेटफार्म पर पहले से ही मौजूद भीड़ ट्रेन पर टूट पड़ी। ऐसे में कई यात्रियों में नोकझोंक हुई।
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बबीता, रेनू, राधिका समेत कई महिलाओं का कहना था कि रेल के सभी संसाधनों का उपयोग करने के बाद भी मात्र दो कोच की ट्रेन चलाने का क्या औचित्य है। सरकार महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा की बात करती है लेकिन यह नहीं देख रही कि ट्रेन में महिलाएं ही सबसे ज्यादा कष्ट झेलती हैं। यात्रियों ने कम से कम एक कोच पैसेंजर ट्रेन में बढ़ाने की मांग की।
कोटद्वार। नजीबाबाद-कोटद्वार मार्ग निर्माणाधीन होने का दबाव रेल यातायात पर पड़ा है। ट्रेनों में यात्रियों की संख्या तो काफी बढ़ गई है लेकिन रेलवे ने पैसेंजर ट्रेन कोच नहीं बढ़ाया है। ट्रेन में भारी भीड़ चलने से भीषण गर्मी से यात्रियों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी।
कोटद्वार से नजीबाबाद के बीच तीन पैसेंजर ट्रेन संचालित होती हैं। इनमें सुबह व शाम के समय संचालित ट्रेनों में यात्रियों की संख्या औसत से तीन गुना तक पहुंच गई है। वहीं ट्रेन में मात्र दो ही कोच लगे हैं। एक एसएलआर कोच में ही महिलाओं और दिव्यांगजन के बैठने की सीमित व्यवस्था है।
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रविवार सुबह श्री सिद्धबली मंदिर पर परंपरागत पूजा-अर्चना एवं भंडारे का आयोजन होने के कारण सुबह 8:45 बजे नजीबाबाद से चली ट्रेन में लोग गेट पर लटक कर सफर करने को मजबूर हुए। यही आलम पूर्वाह्न 11:35 बजे नजीबाबाद से चली पैसेंजर ट्रेन का रहा। यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन कोटद्वार पहुंची, तो यहां ट्रेन में सवार होने के लिए प्लेटफार्म पर पहले से ही मौजूद भीड़ ट्रेन पर टूट पड़ी। ऐसे में कई यात्रियों में नोकझोंक हुई।
बबीता, रेनू, राधिका समेत कई महिलाओं का कहना था कि रेल के सभी संसाधनों का उपयोग करने के बाद भी मात्र दो कोच की ट्रेन चलाने का क्या औचित्य है। सरकार महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा की बात करती है लेकिन यह नहीं देख रही कि ट्रेन में महिलाएं ही सबसे ज्यादा कष्ट झेलती हैं। यात्रियों ने कम से कम एक कोच पैसेंजर ट्रेन में बढ़ाने की मांग की।