{"_id":"697b5a3561ed0785e009c837","slug":"the-contractor-did-not-appear-at-the-assistant-labour-commissioners-office-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-121394-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पेश नहीं हुआ ठेकेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पेश नहीं हुआ ठेकेदार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 29 Jan 2026 06:31 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जल संस्थान पौड़ी डिवीजन में 38 श्रमिकों को हटाने का मामला
संविदा श्रमिक संघ ने जताया रोष
कोटद्वार। संविदा श्रमिक संघ पौड़ी ने उत्तराखंड जल संस्थान पौड़ी डिवीजन में ठेकेदार की ओर से 38 श्रमिकों को हटाने के मामले में आक्रोश जताया है। संघ ने मामले में ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाया है। कहा कि संघ के पदाधिकारी तो कोटद्वार स्थित सहायक श्रमायुक्त शैलेश सती के समक्ष पेश हुए लेकिन ठेकेदार की अनुपस्थिति के कारण समस्या का निराकरण नहीं हो पाया। सहायक श्रमायुक्त की ओर से संगठन को 10 फरवरी को होने वाली अगली पेशी में दोनों पक्षों की वार्ता करा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
संघ के प्रदेश महामंत्री मंगलेश लखेड़ा, शाखा अध्यक्ष सुरजीत डोबरियाल, शाखा उपाध्यक्ष दीपक बड़ोनी ने बताया कि मध्य प्रदेश की सिद्धेश्वर सिक्योरिटी सर्विस नामक निजी ठेकेदार का टेंडर जून 2025 में उत्तराखंड जल संस्थान पौड़ी डिवीजन में हुआ जिसके पश्चात ठेकेदार द्वारा श्रीनगर, श्रीकोट एवं शक्ति विहार क्षेत्रों में कार्यरत 38 कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस और बिना कारण के अचानक हटा दिया गया। संविदा श्रमिक संघ ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
संगठन ने अब सहायक श्रमायुक्त कार्यालय कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई है। तीन बार नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित सिक्योरिटी सर्विस कंपनी का कोई भी प्रतिनिधि किसी भी पेशी में उपस्थित नहीं हुआ। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार कंपनी के पास कोटद्वार अथवा पौड़ी डिवीजन में कार्य करने हेतु कोई वैध लाइसेंस भी नहीं है। यहां तक कि उनके पास पंप संचालन से संबंधित कोई अनुभव नहीं है। इसके बावजूद उन्हें यह कार्य सौंपा गया है।
Trending Videos
संविदा श्रमिक संघ ने जताया रोष
कोटद्वार। संविदा श्रमिक संघ पौड़ी ने उत्तराखंड जल संस्थान पौड़ी डिवीजन में ठेकेदार की ओर से 38 श्रमिकों को हटाने के मामले में आक्रोश जताया है। संघ ने मामले में ठेकेदार पर मनमानी का आरोप लगाया है। कहा कि संघ के पदाधिकारी तो कोटद्वार स्थित सहायक श्रमायुक्त शैलेश सती के समक्ष पेश हुए लेकिन ठेकेदार की अनुपस्थिति के कारण समस्या का निराकरण नहीं हो पाया। सहायक श्रमायुक्त की ओर से संगठन को 10 फरवरी को होने वाली अगली पेशी में दोनों पक्षों की वार्ता करा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
संघ के प्रदेश महामंत्री मंगलेश लखेड़ा, शाखा अध्यक्ष सुरजीत डोबरियाल, शाखा उपाध्यक्ष दीपक बड़ोनी ने बताया कि मध्य प्रदेश की सिद्धेश्वर सिक्योरिटी सर्विस नामक निजी ठेकेदार का टेंडर जून 2025 में उत्तराखंड जल संस्थान पौड़ी डिवीजन में हुआ जिसके पश्चात ठेकेदार द्वारा श्रीनगर, श्रीकोट एवं शक्ति विहार क्षेत्रों में कार्यरत 38 कर्मचारियों को बिना किसी नोटिस और बिना कारण के अचानक हटा दिया गया। संविदा श्रमिक संघ ने विभागीय अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन
संगठन ने अब सहायक श्रमायुक्त कार्यालय कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई है। तीन बार नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित सिक्योरिटी सर्विस कंपनी का कोई भी प्रतिनिधि किसी भी पेशी में उपस्थित नहीं हुआ। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार कंपनी के पास कोटद्वार अथवा पौड़ी डिवीजन में कार्य करने हेतु कोई वैध लाइसेंस भी नहीं है। यहां तक कि उनके पास पंप संचालन से संबंधित कोई अनुभव नहीं है। इसके बावजूद उन्हें यह कार्य सौंपा गया है।