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Kotdwar News: चौबट्टाखाल का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा बना शोपीस
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 24 Jan 2026 05:32 PM IST
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स्वास्थ्य सेवाएं लचर होने से 137 गांवों की 21 हजार की आबादी इलाज के लिए भटकने को मजबूर
बैजरो (बीरोंखाल)। स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी पोखडा विकासखंड में कोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बन पाया है। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं लचर होने से उपचार के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम से 2.58 करोड़ रुपये की लागत से बने पोखड़ा अस्पताल के भवन का लोकार्पण 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने कर दिया था लेकिन आज तक इस अस्पताल का उच्चीकरण नहीं हो पाया है। आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल प्रसव केंद्र के लिए अधिकृत है। पोखड़ा के पूर्व प्रमुख सुरेंद्र रावत का कहना है कि इस अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करके भवन तो बना दिया लेकिन अस्पताल का उच्चीकरण करना सरकार भूल गई।
अस्पताल में मात्र दो फिजिशियन व नर्सिंग स्टाफ की तैनाती है। सरकारी कागजों में यह आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही है। यहां किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक का पद सृजित नहीं है। इसके लिए लगातार शासन से पत्र व्यवहार किया गया लेकिन सरकार आज तक इसका उच्चीकरण नहीं कर पाई। इसका खामियाजा यहां की 21 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
यह अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां दो फिजिशियन तैनात हैं। पोखड़ा के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवराजखाल व कुणजखाल में डाक्टरों के पद रिक्त हैं। यहां संसाधन सीमित है। गंभीर चोट, जांच व एक्स-रे आदि के लिए मरीज रेफर किए जाते हैं।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा।
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बैजरो (बीरोंखाल)। स्वतंत्रता के 78 वर्ष बाद भी पोखडा विकासखंड में कोई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बन पाया है। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं लचर होने से उपचार के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम से 2.58 करोड़ रुपये की लागत से बने पोखड़ा अस्पताल के भवन का लोकार्पण 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी ने कर दिया था लेकिन आज तक इस अस्पताल का उच्चीकरण नहीं हो पाया है। आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल प्रसव केंद्र के लिए अधिकृत है। पोखड़ा के पूर्व प्रमुख सुरेंद्र रावत का कहना है कि इस अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करके भवन तो बना दिया लेकिन अस्पताल का उच्चीकरण करना सरकार भूल गई।
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अस्पताल में मात्र दो फिजिशियन व नर्सिंग स्टाफ की तैनाती है। सरकारी कागजों में यह आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही है। यहां किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक का पद सृजित नहीं है। इसके लिए लगातार शासन से पत्र व्यवहार किया गया लेकिन सरकार आज तक इसका उच्चीकरण नहीं कर पाई। इसका खामियाजा यहां की 21 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
यह अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां दो फिजिशियन तैनात हैं। पोखड़ा के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवराजखाल व कुणजखाल में डाक्टरों के पद रिक्त हैं। यहां संसाधन सीमित है। गंभीर चोट, जांच व एक्स-रे आदि के लिए मरीज रेफर किए जाते हैं।
- डॉ. वीरेंद्र कुमार, प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पोखड़ा।

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