जम्मू के जिला डोडा में सड़क हादसे में बलिदान हुए यूपी के हापुड़ स्थित गांव भटैल निवासी जवान रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह गांव पहुंचा तो यहां कोहराम मच गया। परिजनों ने चींख पुकार के बीच रिंखिल के अंतिम दर्शन किए। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव में ही पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका नम नाम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा रिंखिल तेरा नाम रहेगा और भारत माता की जय के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। विधायक विजयपाल आढ़ती, डीएम अभिषेक पांडेय, एसपी ज्ञानंजय सिंह और पूर्व विधायक गजराज सिंह ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।
एक साल के बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि: डोडा में बलिदान हो गए थे रिंखिल, गांव ही नहीं DM तक रोते रहे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाफिजपुर (हापुड़)।
Published by: विकास कुमार
Updated Sat, 24 Jan 2026 07:39 PM IST
सार
सलामी के बाद मात्र एक साल के मासूम पुत्र राघव को गोद में लेकर बलिदानी के छोटे भाई ऋषभ ने बड़े भाई की चिता में मुखाग्नि दिलाई। इस दौरान सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। हापुड़ डीएम तक अपने आंसू नहीं रोक सके और इस मंजर को देखकर उनके भी आंसू छलक आए।
विज्ञापन
