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Kotdwar News: पुलिया है नहीं, जोखिम में पार करना पड़ रहा उफनाया राड़ी खड्ड
Thu, 23 Jul 2026 06:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 23 Jul 2026 06:37 PM IST
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हर बरसात में होती है दिक्कत, शासन-प्रशासन नहीं लेता है गंभीरता से
स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों को हो रही है दिक्कत
बड़कोट। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर क्षेत्र के तिलाड़ी मैदान से होकर यमुना नदी में मिलने वाला राड़ी खड्ड उफान पर है। खड्ड पर पुलिया का निर्माण नहीं होने से तिलाड़ी श्मशान घाट तक पहुंचने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। हर बरसात में यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है लेकिन वर्षों बाद भी इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय निवासी राजेश उनियाल ने बताया कि तिलाड़ी स्थित श्मशान घाट तक पहुंचने का यही एकमात्र मुख्य मार्ग है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को उफनते खड्ड को पार करना पड़ता है जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि पुलिया निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि श्मशान घाट पर रैन बसेरे की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
बारिश और तेज धूप के दौरान अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता है जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राड़ी खड्ड पर जल्द पुलिया निर्माण और श्मशान घाट पर रैन बसेरे के निर्माण की मांग की। दरअसल, यही मार्ग ऐतिहासिक तिलाड़ी शहीद स्मारक तक पहुंचने का भी प्रमुख रास्ता है। इसके बावजूद आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों और आगंतुकों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल ने कहा कि मामले का निरीक्षण कराया जाएगा और पुलिया निर्माण व अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए उचित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
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स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों को हो रही है दिक्कत
बड़कोट। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर क्षेत्र के तिलाड़ी मैदान से होकर यमुना नदी में मिलने वाला राड़ी खड्ड उफान पर है। खड्ड पर पुलिया का निर्माण नहीं होने से तिलाड़ी श्मशान घाट तक पहुंचने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। हर बरसात में यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है लेकिन वर्षों बाद भी इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय निवासी राजेश उनियाल ने बताया कि तिलाड़ी स्थित श्मशान घाट तक पहुंचने का यही एकमात्र मुख्य मार्ग है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को उफनते खड्ड को पार करना पड़ता है जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि पुलिया निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि श्मशान घाट पर रैन बसेरे की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
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बारिश और तेज धूप के दौरान अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ता है जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राड़ी खड्ड पर जल्द पुलिया निर्माण और श्मशान घाट पर रैन बसेरे के निर्माण की मांग की। दरअसल, यही मार्ग ऐतिहासिक तिलाड़ी शहीद स्मारक तक पहुंचने का भी प्रमुख रास्ता है। इसके बावजूद आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के अभाव में स्थानीय लोगों और आगंतुकों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल ने कहा कि मामले का निरीक्षण कराया जाएगा और पुलिया निर्माण व अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए उचित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
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