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Kotdwar News: पदमपुर सुखरो की हरिपुरम कॉलोनी में जलभराव से बढ़ी परेशानी
Wed, 22 Jul 2026 05:57 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 22 Jul 2026 05:57 PM IST
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दो साल से समाधान का इंतजार, 22 शिकायतों के बाद भी नहीं निकला स्थायी हल
कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-20 पदमपुर सुखरो में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से स्थानीय लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। पदमपुर चौराहे के पास पदमपुर गैस एजेंसी से नीचे हरिपुरम (बौंठियाल) कॉलोनी जाने वाली सड़क के करीब 50 मीटर हिस्से में पिछले दो से तीन वर्षों से बारिश का पानी भर रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और सड़क के एक हिस्से में गहराई बनने से पानी लंबे समय तक जमा रहता है जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता बीएम गौड़ सहित कॉलोनी की बीना लखेड़ा, इंदू लखेड़ा, प्रसन्ना देवी, शकुंतला देवी, अनीता नवानी, इंदू डोबरियाल, सरिता बौड़ाई, अनीता बौड़ाई और अभिलाषा जोशी ने बताया कि जलभराव के कारण लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सितंबर 2024 से अब तक नगर आयुक्त, एसडीएम, जिलाधिकारी पौड़ी, आयुक्त गढ़वाल मंडल और मुख्यमंत्री सहित विभिन्न अधिकारियों को 22 ईमेल शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। कई बार स्मरण पत्र देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका आरोप है कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद भी नगर निगम स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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सिंचाई विभाग ने शहर के जलभराव वाले स्थानों का सर्वे कर ड्रेनेज सिस्टम की 321 करोड़ की महायोजना की डीपीआर शासन को भेजी है। बजट स्वीकृत होने के बाद जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने मेयर और नगर आयुक्त से तब तक अस्थायी राहत के लिए तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
- चंद्रशेखर शर्मा, एसएनए नगर निगम कोटद्वार।
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कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-20 पदमपुर सुखरो में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से स्थानीय लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही है। पदमपुर चौराहे के पास पदमपुर गैस एजेंसी से नीचे हरिपुरम (बौंठियाल) कॉलोनी जाने वाली सड़क के करीब 50 मीटर हिस्से में पिछले दो से तीन वर्षों से बारिश का पानी भर रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और सड़क के एक हिस्से में गहराई बनने से पानी लंबे समय तक जमा रहता है जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता बीएम गौड़ सहित कॉलोनी की बीना लखेड़ा, इंदू लखेड़ा, प्रसन्ना देवी, शकुंतला देवी, अनीता नवानी, इंदू डोबरियाल, सरिता बौड़ाई, अनीता बौड़ाई और अभिलाषा जोशी ने बताया कि जलभराव के कारण लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इससे दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सितंबर 2024 से अब तक नगर आयुक्त, एसडीएम, जिलाधिकारी पौड़ी, आयुक्त गढ़वाल मंडल और मुख्यमंत्री सहित विभिन्न अधिकारियों को 22 ईमेल शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। कई बार स्मरण पत्र देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका आरोप है कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद भी नगर निगम स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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सिंचाई विभाग ने शहर के जलभराव वाले स्थानों का सर्वे कर ड्रेनेज सिस्टम की 321 करोड़ की महायोजना की डीपीआर शासन को भेजी है। बजट स्वीकृत होने के बाद जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने मेयर और नगर आयुक्त से तब तक अस्थायी राहत के लिए तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
- चंद्रशेखर शर्मा, एसएनए नगर निगम कोटद्वार।