नैनीताल में मानसून का कहर: 20 मार्ग बंद...अब तक तीन मौत, सात भवन क्षतिग्रस्त; कल भारी बारिश का अलर्ट
नैनीताल में पिछले कई दिनों से मौसम बिगड़ा हुआ है। मंगलवार सुबह हल्की बारिश के बाद दिन में धूप निकल आई और मौसम सुहावना हो गया, लेकिन मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ। मौसम विभाग ने बुधवार को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
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नैनीताल में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। मंगलवार सुबह हल्की रिमझिम के बाद दिन के समय धूप निकल आई और मौसम खुशगवार रहा। हालांकि मौसम पूरी तरह नहीं खुला है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
वहीं, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 20 मार्ग बंद हैं, जिन्हें खोलने का काम जारी है। इनमें एक राज्य मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 18 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। भवाली बाईपास, पदमपुरी-बढ़ियाड़, डौबा-गोनियारो और ढोलीगांव-धेना मार्ग भी प्रभावित हैं। जिले में पिछले 24 घंटे में औसत 22.9 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि एक जून से अब तक 663.39 मिमी वर्षा हो चुकी है। कालाढूंगी में सर्वाधिक 75 मिमी और रामनगर में 53 मिमी बारिश हुई। बारिश से अब तक तीन लोगों की मौत, सात भवनों को आंशिक नुकसान और 21 आंगन व दीवारों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी है। बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
इधर, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार अगले 24 घंटे में नैनीताल जिले में कहीं कहीं तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। मंगलवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 31.2 और न्यूनतम 25.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं मुक्तेश्वर का अधिकतम 18 और न्यूनतम 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
खैराली गधेरे में पानी बढ़ने से पांच घंटे यातायात ठप
बेतालघाट-रातीघाट मोटर मार्ग पर खैलाली गधेरे में मंगलवार सुबह बारिश के चलते पानी आने से सड़क पर पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। सड़क बंद होने के चलते वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गधेरे का जलस्तर बढ़ने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लगी रही। वाहन चालक पानी कम होने का इंतजार करते रहे। समाजसेवी रमेश तिवारी ने बताया कि मंगलवार की सुबह 7 बजे बारिश के चलते गधेरे का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इससे वाहन चालकों और यात्रियों को पांच घंटे तक फंसे रहना पड़ा। 12 बजे बाद जलस्तर कम होने के साथ वाहनों की आवाजाही सुचारू हुई।
पीरूमदारा के आदर्श विद्यालय के मार्ग पर जलभराव
भारी बारिश के चलते मंगलवार को राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के मार्ग पर जलभराव होने से बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने में परेशानी होने पर कई बच्चे वापस लौट गए। कई बच्चे जूते-चप्पल उतारकर कीचड़ के बीच से रास्ता पार कर स्कूल पहुंचे। विद्यालय में 41 बालक, 34 बालिकाओं समेत 75 बच्चे हैं। प्रधानाचार्य भारती लखचौरा ने बताया कि बरसात के दौरान हर साल विद्यालय के आसपास जलभराव की समस्या पैदा होती है। इससे बच्चों और शिक्षकों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है।