Nainital: विभागीय उलझन में फंसा पुलिसकर्मियों का वेतन, 11 कर्मियों के कारण 945 जवानों की सैलरी रुकी
नैनीताल जिले के 945 पुलिसकर्मियों का वेतन विभागीय आदेशों और प्रशासनिक उलझनों के कारण अटक गया है। 11 स्थानांतरित कर्मियों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश के बाद पूरा वेतन बिल ट्रेजरी स्तर पर रुक गया।
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नैनीताल। विभागीय चकू ने अपने पुलिसकर्मियों को ही खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है। 11 पुलिसकर्मियों के संबंध में आईजी का आदेश ट्रेजरी स्तर पर इस कदर उलझ गया कि पूरे जिले के पुलिसकर्मियों का सैलरी बिल रोक दिया गया। महज 11 कर्मियों के चक्कर में पुलिस महकमे के 945 बेकसूर जवान वेतन के लिए तरस रहे हैं।
एसएसपी ने जबरन वेतन रोकने का लगाया आरोप
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मुख्य कोषाधिकारी (ट्रेजरी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कि ट्रेजरी ने नियमों के विपरीत जाकर पुलिसकर्मियों का वेतन रोका है। एसएसपी का कहना है कि उनके कार्यालय से पूर्व की भांति सभी पुलिसकर्मियों का वेतन बिल तैयार कर समय पर ट्रेजरी भेज दिया गया था लेकिन आईजी कुमाऊं के एक आदेश का हवाला देते हुए मुख्य कोषाधिकारी ने पूरे वेतन बिल पर ही रोक लगा दी। इससे जिले के 945 पुलिसकर्मी वेतन से वंचित हो गए हैं। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जिला स्तर पर वह ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) हैं और वित्तीय नियमावली के अनुसार डीडीओ की ओर से तैयार किए वेतन बिल को रोकने का अधिकार ट्रेजरी या किसी अन्य अधिकारी को नहीं है। उन्होंने बताया कि वेतन जारी कराने के लिए ट्रेजरी को दो बार पत्राचार भी किया जा चुका है लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है। वेतन नहीं मिलने से कई पुलिसकर्मियों के सामने बैंक ऋण की किश्त, बच्चों की स्कूल फीस, समेत अन्य संकट खड़ा हो गया है। एसएसपी का तर्क है कि यदि ट्रेजरी को केवल 11 विवादित कर्मियों के वेतन पर आपत्ति थी तो बाकी सभी कर्मचारियों का वेतन जारी कर संबंधित कर्मियों के खिलाफ रिकवरी वाउचर की कार्रवाई की जा सकती थी।
कुमाऊं आईजी की ओर से 11 पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने का आदेश प्राप्त हुआ था। इस कारण 945 कर्मियों के पूरे हेड को रोका गया था। ट्रेजरी को मिले बिल के एक हेड से कुछ पुलिस कर्मियों का वेतन अलग कर नहीं रोका जा सकता है। आईजी से 11 कर्मियों के बिल अलग कर शेष बचे कर्मियों के वेतन के बिल मांगे हैं। इस पत्र की एक कॉपी एसएसपी को भी की गई है।- कमलेश भंडारी, मुख्य कोषाधिकारी, नैनीताल
जिले में 11 कर्मचारियों का स्थानांतरण 2024 में हो चुका है। मार्च में उनके कार्यालय से कर्मियों की तिथि निर्धारित करने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर से 28 मई की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके बाद भी कर्मियों को जिले से रिलीव नहीं किया जा रहा है। इस कारण से ट्रेजरी को संबंधित 11 कर्मियों को उनके स्थानांतरित स्थल में तैनाती के बाद ही वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए थे।-रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं