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Nainital News: श्रद्धा की हाजिरी लगाने उमड़ा आस्था का सैलाब

संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Tue, 16 Jun 2026 01:02 AM IST
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A surging tide of faith gathered to pay homage.
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भवाली (नैनीताल)। कैंची धाम में सोमवार की सुबह पांच बजे बाबा नीब करौरी महाराज को भोग लगाने के साथ श्रद्धालुओं के लिए बाबा का द्वार खोलने के साथ कैंची मेला शुरू हुआ। दिनभर तपती धूप के बीच बाबा के प्रति श्रद्धा, विश्वास के साथ बाबा का आशीर्वाद और मालपुए का प्रसाद लेने 80 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के जयकारों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे। हल्द्वानी, भीमताल, भवाली, नैनीताल और खैरना से श्रद्धालु शटल सेवा से कैंची धाम पहुंचे। पिछले साल की तुलना में इस बार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कम रही।

कैंची मंदिर में शनिवार रात से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। श्रद्धालु रातभर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। सोमवार तड़के चार बजे से रात आठ बजे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार बाबा का आशीर्वाद और मालपुए का प्रसाद लेने के लिए लगी रही। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का मुख्य द्वार सुबह पांच बजे खोला गया। इससे पूर्व मंदिर समिति के सदस्यों ने सुबह 4:30 बजे शंख, घंट और ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर में बाबा को मालपुओं का भोग लगाया। मंदिर परिसर के अंदर वैष्णवी देवी, विंध्यवासिनी, हनुमान, सिद्धि माई को भी भोग लगाया गया। पांच बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू हुआ जो रात तक जारी रहा। श्रद्धालु कतार में लगाकर मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश कर रहे थे और अतिरिक्त बनाए द्वार से बाहर आ रहे थे। दोनों द्वारों पर श्रद्धालुओं की जूते-चप्पलों के रखने की व्यवस्था बनाई गई थी। कैंची धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। पुलिसकर्मियों की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर बैग नहीं ले जाने दिया गया।
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चटक धूप भी नहीं थाम पाई श्रद्धालुओं के कदम
मंदिर परिसर में बाबा का आशीर्वाद और प्रसाद लेने के लिए दो किलोमीटर तक लगी श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा के जयकारों के साथ बिना किसी समस्या के व्यवस्थित होकर धाम पहुंची। कैंची धाम में बाबा की कृपा के चलते सुबह 10 बजे बाद तेज चटख धूप भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पाई। श्रद्धालु तेज धूप के बाद भी लाइन में लगे रहे और बाबा के जयकारों के साथ मंदिर में पहुंचते रहे।
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शटल सेवा से पहुंचे श्रद्धालु कैंची धाम
पुलिस-प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए हल्द्वानी, भीमताल, नैनीबैंड, सैनिटोरियम, रामलीला मैदान, पेट्रोल पंप के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। यहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा, टैक्सी वाहनों से वन विभाग के बैरियर तक पहुंचाया गया। वहां से श्रद्धालु डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर कैंची मंदिर पहुंचे। क्वारब से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से पनीराम ढाबे के पास पहुंचाया गया। श्रद्धालु वहां से पैदल मंदिर पहुंचे।


नहीं लगने दिए भंडारे
कैंची में यातायात व्यवस्था को लेकर इस बार जिला प्रशासन और पुलिस की ओर सड़क किनारे कहीं भंडारे के स्टॉल नहीं लगने दिए गए। स्टॉल नहीं लगने से जाम की स्थिति कम रही। हालांकि लोगों ने नाप भूमि पर भंडारा लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की। तेज गर्मी में ठंडा पानी, जूस पीकर श्रद्धालुओं को राहत मिली।

पुलिस रही चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद
कैंची मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सुबह 5 बजे से जिम्मा स्वयं संभाला हुआ था। पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहे। दोपहर बाद कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और कुमाऊं आईजी निवेदिता कुकरेती भी मेले का जायजा लेने पहुंचीं। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दूरबीन और सीसीटीवी कैमरों की सहायता ली गई। पुलिसकर्मियों ने सादी वर्दी में मेले परिसर में जेबकतरों पर नजर बनाए रखी। मेला परिसर में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी मौजूद रहे।

मेले में अपनों से बिछड़ों को पुलिस ने मिलाया
मंदिर में बच्चों, पुरुषों और महिलाओं के मेले में खोने पर पुलिस की ओर से सहायता केंद्र बनाया गया था। यहां पुलिस ने कई बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को उनके परिजनों से मिलाया। कैंची धाम मंदिर में सीएचसी खैरना के डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की ओर से सैकड़ों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही लोगों को दवा भी बांटी गई।

परिवहन विभाग ने लगाई अतिरिक्त बसें
कैंची मेले के लिए परिवहन विभाग की ओर से अन्य रूटों की सभी बसों को कैंची मार्ग पर भेजा गया था। 12 से अधिक अतिरिक्त बसों को कैंची मेले के लिए लगाया गया।

पेयजल और स्वच्छता के लिए लगी रही टीम
कैंची धाम में सोमवार को स्थापना दिवस के लिए विभागीय अधिकारियों ने पेयजल, स्वच्छता, शौचालय और बिजली समेत अन्य सुविधा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई। जल संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया गया। विभाग की ओर से जगह-जगह दस से अधिक टैंकरों की व्यवस्था की गई थी।

शौचालय में पानी नहीं होने से परेशान रहे श्रद्धालु
कैंची धाम में श्रद्धालुओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नगर पालिका की ओर से की गई थी। यहां पानी नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश से पहुंचे जगदीश सिंह ने बताया कि शौचालय में पानी नहीं होने से बहुत से श्रद्धालु परेशान रहे। उन्होंने पैसे लेने का आरोप भी लगाया। इस संबंध में कुछ श्रद्धालु जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के पास पहुंचे और उन्होंने शौचालय में पानी नहीं होने की समस्या से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से शौचालय में पानी उपलब्ध कराने को कहा।

कंट्रोल रूम में बिजली ने रुलाया
कैंची धाम में बनाए गए कंट्रोल रूम में बिजली गुल होने से लोग परेशान रहे। बिजली नहीं होने के चलते लोग मोबाइल चार्ज नहीं कर पाए। हालांकि 11 बजे बाद बिजली आने के बाद लोगों को राहत मिली।

वन विभाग ने शिप्रा नदी में प्रवेश किया वर्जित
वन विभाग ने मंदिर के पास स्थित शिप्रा नदी में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई। वनकर्मियों ने नदी किनारे जाने वाले लोगों को वापस भेजा। नदी किनारे गंदगी नहीं फैलाने दी। धाम में नगर पालिका और जिला पंचायत के सफाई कर्मी वाहनों से लगातार कूड़ा उठाते रहे। सफाईकर्मियों ने सड़क किनारे फेंके कूड़े को उठाकर उसका निस्तारण किया।

अमेरिका से बाबा के दर्शन को कैंची धाम पहुंचे मैक्स
भवाली (नैनीताल)। कैंची धाम में आकर मुझे ऐसा लग रहा है जैसे बाबा नीब करौरी महाराज मुझे स्वयं बुला रहे हैं। यह बात अमेरिका से बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे मैक्स ने कही। मैक्स सोमवार को स्थापना दिवस पर कैंची धाम पहुंचे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में उनके मन में आध्यात्मिक जीवन को लेकर कई प्रश्न थे जिनके उत्तर उन्हें नहीं मिल रहे थे। उनके एक मित्र ने उन्हें रामदास के प्रवचनों से अवगत कराया और रामदास के माध्यम से ही उन्हें बाबा नीब करौरी महाराज के बारे में जानने और उनकी शिक्षाओं की जानकारी मिली। मैक्स ने कहा कि वर्ष 2022 में वह अमेरिका के न्यू मैक्सिको स्थित ताओस आश्रम पहुंचे और दो सालों तक सेवा कार्य किया। उनके जीवन और संदेश को जानने के साथ उन्होंने अपना जीवन महाराज की सेवा के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि कैंची धाम में बाबा के दर्शन के बाद उन्हें बेहद सुकून मिला।
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