UK: हादसों ने तोड़ी 231 लोगों की जिंदगी की डोर, नैनीताल जिले में डेढ़ साल में 363 दुर्घटनाओं में 361 लोग घायल
नैनीताल जिले में सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सड़क हादसों में कई परिवारों के चिराग बुझ गए हैं जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में 227 सड़क हादसों में 151 लोगों की मौत और 200 लोग घायल हुए थे।
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वाहन चलाते समय एक छोटी सी चूक कई घरों को उजाड़ देती है। नैनीताल जिले में बीते डेढ़ वर्षों में ऐसे ही कई परिवारों के 231 लोग अपनी जिंदगी सड़क हादसों में गंवा चुके हैं। इनमें ज्यादातर हादसे तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही के कारण हुए हैं।
नैनीताल जिले में सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सड़क हादसों में कई परिवारों के चिराग बुझ गए हैं जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में 227 सड़क हादसों में 151 लोगों की मौत और 200 लोग घायल हुए थे। इस वर्ष एक जनवरी से 16 जुलाई तक 136 सड़क हादसों में 80 लोगों की जान जा चुकी है और 161 लोग घायल हुए हैं। इस तरह बीते डेढ़ साल में जिले में 363 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। गौर करने वाली बात हैं कि नैनीताल-कालाढूंगी रोड, रामनगर और हल्द्वानी शहर में ज्यादा हादसे हुए हैं। हादसों के ये आंकड़े जिले में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को बयां कर रहे हैं।
नियमों की अनदेखी छीन रही सांसें
लगातार हो रहे सड़क हादसों के कई कारण भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार नशे में वाहन चलाना, बिना हेलमेट दोपहिया दौड़ाना, ओवरटेक, यातायात नियमों की अनदेखी हादसों के कारण हैं। ज्यादातर हादसों में तेज रफ्तार व लापरवाही प्रमुख कारण है। चालकों की छोटी सी लापरवाही व तेज स्पीड कई परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे रही है।
सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। चालकों से अपील है कि वे तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें।