अंकिता भंडारी हत्याकांड: तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज, HC ने दो दिन की सुनवाई के बाद सुनाया फैसला
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों (पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता) की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाओं पर दो दिन चली लंबी सुनवाई के बाद तीनों अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। तीनों अभियुक्तों की ओर से अपना पक्ष रखते हुए बचाव में कई तर्क रखे जिन्हें कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
मामले में कोटद्वार की तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने गत वर्ष 30 मई को तीनों अभियुक्तों को हत्या और साक्ष्य मिटाने के दोष में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस आदेश के खिलाफ उनकी ओर से उच्च न्यायालय में अपील दायर कर जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की गई थी।
वर्ष 2022 में हुआ था मामला
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास मौजूद वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के पद पर तैनात थी। वह 18 सितंबर, 2022 को संदिग्ध हालात में लापता हो गई थी। 24 सितंबर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था। पुलिस ने शक के आधार पर तीनों अभियुक्तों से पूछताछ की और शक सही होने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरोपी तब से जेल में हैं। वादी की ओर से कहा गया कि घटना के समय जो भी साक्ष्य उपलब्ध हुए वे सभी सिद्ध हुए हैं जो कि आरोपियों को सजा दिलाए जाने के लिए पर्याप्त थे।