गैस किल्लत में ठगी का खतरा: बुकिंग के नाम पर खाते तक पहुंच सकते हैं साइबर अपराधी
हल्द्वानी में गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच लोगों की बढ़ती परेशानियों का फायदा उठाकर साइबर ठग ठगी का जाल बिछा सकते हैं। ऐसे में सतर्कता और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है।
विस्तार
हल्द्वानी में रसोई गैस सिलिंडर के लिए लोग परेशान हैं। लोग बुकिंग के लिए लगातार एजेंसी के नंबरों पर कॉल कर रहे हैं। किल्लत की आशंका के कारण देर रात तक बुकिंग का प्रयास हो रहा है। साइबर अपराधी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर ठगी का जाल बिछा सकते हैं। ऐसे में रसोई गैस की बुकिंग या गैस उपलब्ध कराने का दावा करने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है।
साइबर सेल का सुझाव
- बुकिंग के लिए संबंधित पेट्रोलियम कंपनी के अधिकृत वेबसाइट की जानकारी रखें।
- बुकिंग के लिए कंपनी की वेबसाइट पर जाकर ही लॉगइन करें करें।
- रसोई गैस कंपनी से कार्ड के पीछे दिए गए नंबर और वेबसाइट का उपयोग करें।
- गूगल पर सीधे सर्च करने से बचने की कोशिश करें।
- गूगल से मिले फोन नंबर पर बुकिंग न करें। ओटीपी के नाम पर आपकी जानकारी ली जा सकती है।
- किसी भी स्थिति में एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
सतर्कता जरूरी क्योंकि
अधिकतर लोगों के बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर ही रसोई गैस कनेक्शन से भी लिंक हैं। सब्सिडी के लिए नंबर को आधार से लिंक किया गया है। आधार से ही बैंक का खाता भी जुड़ा है। ऐसे में सतर्कता और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है।
ऐसे कर सकते हैं शिकायत
साइबर ठगी से जुड़ी शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा 1930 पर कॉल कर भी कॉल किया जा सकता है।
साइबर अपराधी ठगी के कई तरीके ईजाद करते हैं। इनकी मोडस ऑपरेंडी बदलती रहती है। इस समय रसोई गैस की जरूरत ज्यादा है। ऐसे में आशंका है कि वह इससे जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाकर बुकिंग के नाम पर ठगी हो सकती है। एपीके फाइल डाउनलोड करा सकते हैं। इससे मोबाइल का क्लोन बनाकर खाता खाली कर सकते हैं। - सुमित पांडेय, पुलिस उपाधीक्षक साइबर सेल