UK: यूपी से डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों ने उठाई न्याय की मांग, ये उठे सवाल; सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग
उत्तराखंड में प्राथमिक सहायक अध्यापक भर्ती (सत्र 2020-21, 2021-22, 2024-25 व 2025-26) के तहत चयनित उत्तर प्रदेश के डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों ने अपनी नियुक्तियों को लेकर उठ रहे सवालों पर नाराजगी जताई है।
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उत्तराखंड में प्राथमिक सहायक अध्यापक भर्ती (सत्र 2020-21, 2021-22, 2024-25 एवं 2025-26) के तहत चयनित उत्तर प्रदेश से डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) प्रशिक्षित शिक्षकों ने अपनी नियुक्तियों को लेकर उठ रहे सवालों पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
शिक्षकों ने कहा कि उत्तराखंड समूह ग सीधी भर्ती नियमावली-2019 के अनुसार अभ्यर्थी के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों में से किसी एक को पूरा करना पर्याप्त है। इनमें उत्तराखंड से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की शिक्षा, राज्य के सेवायोजन कार्यालय में वैध पंजीकरण, उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाण पत्र, राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत अभिभावकों से संबंधित प्रावधान अथवा उत्तराखंड के ऐसे स्थायी निवासी शामिल हैं जो रोजगार या अध्ययन के कारण राज्य से बाहर रह रहे हों।
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में डीएलएड प्रशिक्षण वहां के सामान्य निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्राप्त किया था। उनका कहना है कि सामान्य निवास प्रमाण पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र से पूरी तरह अलग है और दोनों को समान मानकर नियुक्तियों पर सवाल उठाना कानूनी एवं तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं है।
नवनियुक्त शिक्षकों का आरोप है कि कुछ लोग भ्रामक तथ्यों के आधार पर शिक्षा विभाग, न्यायालय और आमजन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षकों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि नियमावली के तहत हुई नियुक्तियों के हितों की रक्षा करते हुए मामले के सभी तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। मांग रखने वालों में रविंद्र बिष्ट, रोहित, महेश, काजल रावत सहित अन्य शिक्षक शामिल हैं।