Uttarakhand: हाईकोर्ट ने सीधी भर्ती प्रवक्ताओं की वरिष्ठता मामले से खुद को किया अलग, मामला चीफ जस्टिस को भेजा
नैनीताल हाईकोर्ट ने सीधी भर्ती से नियुक्त प्रवक्ताओं की वरिष्ठता से संबंधित मामले में सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब यह मामला चीफ जस्टिस के पास भेज दिया गया है, जो इसकी सुनवाई के लिए एक नई बेंच का गठन करेंगे।
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नैनीताल हाईकोर्ट ने सीधी भर्ती से नियुक्त प्रवक्ताओं की वरिष्ठता मामले में सुनवाई से खुद को अलग करते हुए मामले को चीफ जस्टिस के समक्ष भेज दिया है अब इस मामले की सुनवाई के लिए नई बैंच का गठन करेंगे।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार प्रवक्ता मुकेश बहुगुणा सहित अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी नियुक्ति 2005 में सीधी भर्ती के तहत हुई है। उनको पहले वरिष्ठता मिलनी चाहिए, एलटी शिक्षक बाद में प्रवक्ता बने। विभाग की ओर से एलटी से प्रवक्ता में पदोन्नत शिक्षकों को वरिष्ठता 2010 में मौलिक पदोन्नति प्रदान कर दी। यह पदोन्नति रिक्तियों के आधार पर वर्षवार 2001-02 से 2008-09 तक दी गई। जिसको सीधी भर्ती के प्रवक्ता बैकडेट वरिष्ठता करार देते हैं। उनका कहना था कि पिछले वर्षों से प्रदान की गई वरिष्ठता नियम विरुद्ध है। इस वजह से सीधी भर्ती से नियुक्त प्रवक्ता मौलिक पदोन्नत प्रवक्ताओं से जूनियर हो गए।
याचिकाकर्ता का कहना था कि मौलिक पदोन्नति करने का निर्णय अगस्त 2010 में हुआ है, वहीं से प्रभावी माना जाना चाहिए।