Uttarakhand: हाईकोर्ट ने मसूरी के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की जनहित याचिका की निस्तारण, जानें क्या थी मांग
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मसूरी के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मसूरी के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं से संबंधित एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। यह याचिका रेहड़ी पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति, मसूरी-देहरादून द्वारा दायर की गई थी, जिसमें टाउन वेंडिंग कमेटी के गठन को चुनौती देने, कमेटी के पुनर्गठन, नए सर्वेक्षण तथा पात्र विक्रेताओं को वेंडिंग प्रमाणपत्र जारी करने और उन्हें मॉल रोड पर शाम के समय पुनः व्यापार करने की अनुमति देने की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान नगर निकाय की ओर से बताया गया कि टाउन वेंडिंग कमेटी को भंग कर पुनः चुनाव कराए जा चुके हैं और नई कमेटी का गठन हो चुका है। साथ ही, नए सर्वे के बाद सभी पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं तथा उनके लिए वेंडिंग जोन भी चिन्हित कर दिया गया है, जहां उन्हें व्यापार करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
इन तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी की ओर से दिए गए किसी भी बयान को भविष्य में गलत पाया जाता है, तो याचिकाकर्ता इस आदेश को वापस लेने (रिकॉल) के लिए पुनः न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है।