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Nainital News: एक साथ उठे पिता-पुत्री के जनाजे, गमगीन हुआ माहौल
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बनभूलपुरा में करंट की चपेट में आए नदीम और उनकी बेटी के शव को मोर्चरी से ले जाए जाने के दौरान
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हल्द्वानी। बनभूलपुरा लाइन नंबर 16 निवासी कार मैकेनिक नदीम (45) और उनकी बेटी अलिज्बा (12) दोनों के जनाजे मंगलवार को एक साथ घर की दहलीज से उठे। जो अलिज्बा पिता की परछाई थी उसने दुनिया को भी पिता के साथ ही अलविदा कहा।
सोमवार रात नदीम घर की छत पर लगी एसी की आउटडोर यूनिट की मरम्मत करने गए थे। उसमें करंट आने की शिकायत थी। अलिज्बा भी पिता के साथ थी और रात के अंधेरे में उन्हें टॉर्च से रोशनी दिखा रही थी। इस दौरान अचानक नदीम करंट की चपेट में आ गए और उन्हें बचाने के लिए जब मासूम अलिज्बा ने अपना हाथ बढ़ाया तो उसे भी करंट लग गया। दोनों जमीन पर गिर पड़े, चीख सुनकर पहुंचे परिजन तुरंत दोनों को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों के शव घर ले जाए गए तो पूरी गली में चीखें गूंज उठीं। अमीना परवीन अपने पति और बेटी के शव से लिपटकर बेसुध हो गई। उनकी बेटियों माहिन (10) और अरीबा (8) का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोपहर के समय परिवार के लोगों ने दोनों के शव सुपुर्द ए खाक किए।
ऊर्जा निगम की लापरवाही पर आक्रोश
हादसे के दूसरे दिन भी स्थानीय लोगों में आक्रोश दिखाई दिया। लोगों का कहना था कि ऊर्जा निगम की अनदेखी की वजह से हादसा हुआ। कई दिन से लगातार मकानों में अर्थिंग आने की शिकायत की जा रही थी। तारों के खुले में पड़े होने और जाल बिछा होने की बात भी कही लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी आंख मूंद कर बैठे रहे।
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सोमवार रात नदीम घर की छत पर लगी एसी की आउटडोर यूनिट की मरम्मत करने गए थे। उसमें करंट आने की शिकायत थी। अलिज्बा भी पिता के साथ थी और रात के अंधेरे में उन्हें टॉर्च से रोशनी दिखा रही थी। इस दौरान अचानक नदीम करंट की चपेट में आ गए और उन्हें बचाने के लिए जब मासूम अलिज्बा ने अपना हाथ बढ़ाया तो उसे भी करंट लग गया। दोनों जमीन पर गिर पड़े, चीख सुनकर पहुंचे परिजन तुरंत दोनों को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों के शव घर ले जाए गए तो पूरी गली में चीखें गूंज उठीं। अमीना परवीन अपने पति और बेटी के शव से लिपटकर बेसुध हो गई। उनकी बेटियों माहिन (10) और अरीबा (8) का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोपहर के समय परिवार के लोगों ने दोनों के शव सुपुर्द ए खाक किए।
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ऊर्जा निगम की लापरवाही पर आक्रोश
हादसे के दूसरे दिन भी स्थानीय लोगों में आक्रोश दिखाई दिया। लोगों का कहना था कि ऊर्जा निगम की अनदेखी की वजह से हादसा हुआ। कई दिन से लगातार मकानों में अर्थिंग आने की शिकायत की जा रही थी। तारों के खुले में पड़े होने और जाल बिछा होने की बात भी कही लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी आंख मूंद कर बैठे रहे।

बनभूलपुरा में करंट की चपेट में आए नदीम और उनकी बेटी के शव को मोर्चरी से ले जाए जाने के दौरान

बनभूलपुरा में करंट की चपेट में आए नदीम और उनकी बेटी के शव को मोर्चरी से ले जाए जाने के दौरान
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