Uk: नैनीताल बाईपास पर सड़क सुरक्षा में बड़ी चूक...पैराफिट होते तो खाई में समाने से बच सकती थी कार
नैनीताल के सेनिटोरियम-रातीघाट-दूनीखाल बाईपास पर सुरक्षा पैरापिट न होने से एक कार गहरी खाई में गिर गई जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नैनीताल जिले में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर पांच जिंदगियों को भुगतना पड़ा। जाम से मुक्ति के लिए बने 19 किमी लंबे सेनिटोरियम-रातीघाट-दूनीखाल बाईपास पर सुरक्षा पैरापिट न होने से बृहस्पतिवार को ढैलागांव के पास एक कार गहरी खाई में समा गई। हादसे में कार सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई।
लोक निर्माण विभाग की ओर से सेनिटोरियम से रातीघाट-दूनीखाल मोटर मार्ग पर 19 किमी का निर्माण कार्य 23 करोड़ की लागत किया गया है। विभाग की ओर से बाईपास अभी पूर्ण रूप से सुचारु नहीं किया गया है। विभाग की ओर से बाईपास पर जगह-जगह पैरापिट लगाए गए है लेकिन कुछ जगहों पर ये गायब हैं। बृहस्पतिवार को दुर्घटनास्थल पर सड़क किनारे पैरापिट नहीं बने हुए थे। स्थानीय लोगों ने कहा कि विभाग को सुरक्षा की दृष्टि से पैरापिट तो हर जगह लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पैरापिट होता तो शायद कार खाई में जाने से बच जाती। स्थानीय वाहन चालकों का मानना था कि हो सकता है चालक ने ब्रेक मारने का प्रयास किया हो और एक्सीलरेटर पर पांव पड़ने के चलते बेकाबू रफ्तार से कार खाई में गिर गई हो। मैदान की सीधी सड़क पर चलने वाले चालक पहाड़ के तीव्र मोड़ नहीं काट पाते हैं। इसके चलते भी हादसों की संख्या बढ़ रही है।
12 मीटर चौड़ी सड़क होने के बाद भी खाई में जा गिरी कार
बाईपास में ढैला गांव में जिस जगह कार खाई में गिरी उस जगह सड़क 12 मीटर चौड़ी है। यहां पर दो वाहन आराम से गुजर सकते हैं। बृहस्पतिवार को हुए सड़क हादसे के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी चौड़ी सड़क होने के बाद भी कार कैसे खाई में जा गिरी।
ये हो सकती हैं हादसे की वजह
1- चालक को झपकी आ गई हो।
2- हल्के मोड़ पर तेज रफ्तार कार नियंत्रित न हो पाई हो।
3- मैदानी क्षेत्र का चालक होने के चलते पर्वतीय क्षेत्र में गाड़ी चलाने का अनुभव न हो।
बाईपास पर जगह-जगह पैरापिट लगे हुए हैं। जिस जगह हादसा हुआ वहां पर सड़क 12 मीटर चौड़ी है। हो सकता है चालक की स्पीड तेज हो और वह नियंत्रण नहीं संभाल पाया हो। पैरापिट मानक के तहत ही लगाए गए हैं। जिस जगह जरूरत है, उस जगह पैरापिट लगाए जाएंगे। 10 जून तक बाईपास पर यातायात सुचारु कर दिया जाएगा।-रत्नेश कुमार सक्सेना, ईई लोनिवि
15 जून से पहले सुचारु होगा यातायात
सेनिटोरियम-रातीघाट-दूनीखाल बाईपास पर अभी बैली ब्रिज का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके चलते वाहनों की आवाजाही बाईपास से सुचारु नहीं हो पाई है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कैंची धाम में 15 जून को होने वाले स्थापना दिवस से पहले 10 जून तक बाईपास पर यातायात सुचारु कर दिया जाएगा। इसके चलते अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रानीखेत, धारचूला और हल्द्वानी की ओर आने-जाने वाले यात्रियों और सैलानियों को कैंची धाम में जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।