Haldwani: सीबीएसई के इंटरमीडिएट के परीक्षाफल में छात्राओं का रहा दबदबा, सफलता पर झुमे
सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम ने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को चौंका दिया। रिजल्ट देखने के बाद विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी लौटी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीबीएसई ने दसवीं की तरह ही 12वीं का परीक्षाफल भी अचानक घोषित कर न केवल छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को चौंका दिया बल्कि परीक्षार्थियों के दिलों की धड़कनों को भी बढ़ा दिया। हालांकि परिणाम देखते ही सबकी चिंता गायब गायब हुई और आंखें खुशी के आंसू से नम हो गई।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के इंटरमीडिएट का परिणाम बुधवार को घोषित होगा इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। बगैर किसी पूर्व सूचना के परीक्षाफल घोषित होते ही विद्यार्थियों और उनके परिजनों में कुछ देर के लिए बेचैनी और घबराहट की स्थिति पैदा हो गई। परीक्षाफल आते ही परीक्षार्थियों ने ऑनलाइन परिणाम देखना शुरू किया। कुछ देर पहले तक जिन चेहरों में चिंता और परेशानी साफ झलक रही थी वहां परिणाम देखने के बाद मुस्कान नजर आई।
दूसरी ओर परिणाम घोषित होने के बाद शहर के निजी स्कूलों में भी हलचल शुरू हो गई। प्रधानाचार्यों से लेकर शिक्षक तक कंप्यूटरों के आगे बैठकर अपने-अपने विद्यालयों का परिणाम देखते और प्रिंटर के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी के अंक पत्र निकालते नजर आए।
परीक्षाओं की तैयारी में ऑनलाइन क्लासेस से भी मिली मदद
हल्द्वानी। टॉपर रहे विद्यार्थियों में किसी ने ऑनलाइन क्लासेस की भी मदद ली तो किसी ने यू-ट्यूब आदि के जरिये भी मदद ली। मेधावी छात्राओं ने बताया कि आजकल किसी भी परीक्षा की तैयारी में कोचिंग के अलावा डिजिटल प्लेटफार्म में भी बहुत कुछ विषयवार जानकारी मिल जाती है और परीक्षा में काम आती है। सिंथिया स्कूल की टॉपर रही अंशिका गर्ग ने बताया कि किसी भी परीक्षा की तैयारी करनी हो तो पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण नोट्स बना लेने चाहिए। उसके साथ ही टीचर और सोशल मीडिया से भी मदद ली जा सकती है। दूसरे स्थान पर रही प्रेरणा जोशी ने बताया कि शुरुआत से ही अगर हर रोज थोड़ा नोट्स बना लिए जाएं तो परीक्षाओं में किताबों से ज्यादा नोट्स काफी मदद देते हैं।
ओएसएम सिस्टम से तैयार हुआ रिजल्ट, विज्ञान में कम अंक रहे
हल्द्वानी। सीबीएसई बोर्ड की कॉपी जांचने के लिए पहली बार ओएसएम विधि यानि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम का प्रयोग हुआ। चंद रोज पहले तक देर रात तक कॉपी जांचने का काम चलता रहा। इस बार फिजिक्स में छात्र-छात्राओं की परफॉरमेंस कम रही जिसकी वजह से विज्ञान में अधिकतर विद्यार्थियों के अंक अपेक्षाकृत कम रहे। आर्ट्स में छात्र-छात्राएं अच्छे अंक लाए हैं। छात्र-छात्राओं का कहना था कि उनके विज्ञान में अंक 90 से ऊपर नहीं जा सके। फिजिक्स का पेपर कठिन होने के कारण विज्ञान में अंक कम रहे।