Haldwani: बनभूलपुरा कांड में शामिल जावेद और अरशद ने किया सरेंडर, जेल भेजे गए
बनभूलपुरा कांड के मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एडीजे प्रथम की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हल्द्वानी के बनभूलपुरा कांड मामले के मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब ने एडीजे प्रथम की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद हुई है जिसमें नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से उन्हें दी गई डिफॉल्ट जमानत रद्द कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मई के प्रथम सप्ताह में सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए दोनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था। उत्तराखंड सरकार ने जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब को नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा दी गई डिफॉल्ट जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को दोनों आरोपियों ने एडीजे प्रथम की अदालत में समर्पण किया। अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें भी पेश की।
दंगे का घटनाक्रम
आठ फरवरी 2024 को हुए दंगे के दौरान भीड़ ने पुलिस पर फायरिंग, पथराव और पेट्रोल बम से हमला किया था। कई पुलिस वाहन फूंक दिए गए थे। महिला पुलिस कर्मियों को थाने के भीतर बंद कर आग लगाने की कोशिश भी की गई थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
16 अप्रैल को मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को मिली थी जमानत
782 दिन जेल में रहने के बाद बनभूलपुरा कांड के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को जमानत मिली थी। वह 16 अप्रैल को जेल से बाहर आया। उसे 24 फरवरी 2024 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था।