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Uttarakhand: हाईकोर्ट ने ठुकराई नियमितीकरण की मांग, अपील की गई खारिज

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Fri, 17 Apr 2026 02:51 PM IST
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सार

उत्तराखंड उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने संविदा कर्मचारी प्रवीण सिंह राणा की विशेष अपील निरस्त करते हुए नियमितीकरण की मांग खारिज कर दी।

High Court rejected the demand for regularization, appeal was dismissed
नैनीताल हाईकोर्ट। - फोटो : संवाद
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विस्तार

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक संविदा कर्मचारी की नियमितीकरण की मांग को खारिज करते हुए विशेष अपील निरस्त कर दी। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अपीलकर्ता प्रवीण सिंह राणा ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर एकलपीठ के 20 फरवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें एकलपीठ ने याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया था। अपीलकर्ता ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के 3 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी थी। यह विज्ञापन विभिन्न विभागों में पदों की भर्ती के लिए जारी हुआ था, जिसमें उत्तराखंड न्यायिक एवं विधिक अकादमी (उजाला), भवाली में रिसर्च असिस्टेंट ऑफिसर का पद भी शामिल था।

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याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न संस्थानों में संविदा पर कार्य किया है, इसलिए उन्हें नियमित किया जाना चाहिए और उस पद को सीधे भर्ती से भरना अवैध है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता ने उजाला में केवल दो वर्ष ही कार्य किया है। अन्य संस्थानों में संविदा पर किया गया कार्य नियमितीकरण के दावे के लिए प्रासंगिक नहीं माना जा सकता। केवल संविदा सेवाओं के आधार पर नियमित नियुक्ति का अधिकार स्वतः नहीं बनता।

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