भारत-चीन व्यापार: ट्रेड पास बनाने वाले 62 कारोबारी निराश, गुंजी में रखा सामान खराब होने की आशंका
भारत-चीन सीमा व्यापार से स्थानीय व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन चीन की ओर से केवल 20 व्यापारियों को तकलाकोट मंडी जाने की अनुमति मिलने से अधिकांश व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है।
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छह वर्ष बाद शुरू हो रहे भारत-चीन सीमा व्यापार से स्थानीय व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन चीन की ओर से केवल 20 व्यापारियों को तकलाकोट मंडी जाने की अनुमति मिलने से अधिकांश व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है। व्यापार के लिए ट्रेड पास बनवा चुके 62 में से 42 व्यापारी फिलहाल व्यापार नहीं कर सकेंगे।
सीमा व्यापार शुरू होने की उम्मीद में व्यापारियों ने करीब एक माह पहले ही गुंजी में गुड़, मिश्री और अन्य सामान पहुंचा दिया था। हालांकि, हाल ही में चीन की ओर से मिले संदेश में स्पष्ट किया गया कि फिलहाल केवल उन्हीं 20 व्यापारियों को तकलाकोट मंडी आने की अनुमति दी जाएगी, जिनका पहले से वहां सामान रखा हुआ है। इसके बाद प्रशासन और भारत-चीन व्यापार समिति ने संबंधित व्यापारियों की सूची चीन को भेज दी।
भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली ने कहा कि यदि अन्य व्यापारियों को भी जल्द अनुमति नहीं मिली तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गुंजी में रखा गुड़, मिश्री और अन्य सामान बारिश के कारण खराब होने लगा है। ऐसे में सभी व्यापारियों को व्यापार की अनुमति दिलाना जरूरी है।
एक अगस्त को रवाना होगा पहला दल, सामान ले जाने की अनुमति नहीं
भारत-चीन व्यापार समिति के अनुसार, अनुमति प्राप्त 20 व्यापारियों का पहला दल एक अगस्त को तकलाकोट के लिए रवाना होगा। हालांकि, चीन की ओर से उन्हें फिलहाल किसी भी प्रकार का सामान साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में व्यापारियों के तकलाकोट पहुंचने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आगे व्यापार किस प्रकार संचालित होगा और चीन का रुख क्या रहता है।
भारतीय व्यापारियों का पहला दल तकलाकोट पहुंचने के बाद ही वहां की वास्तविक स्थिति और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी। उसके बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे। -आशीष जोशी, उपजिलाधिकारी, धारचूला