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Haldwani: सिस्टम की लापरवाही से मरीज की अस्पताल परिसर में मौत, हाथ में पर्ची लिए फर्श पर पड़ा रहा व्यक्ति

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Sat, 11 Apr 2026 10:03 AM IST
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सार

हल्द्वानी के बेस अस्पताल में सिस्टम की लापरवाही ने एक अधेड़ मरीज की जान ले ली। बेस अस्पताल पहुंचा व्यक्ति ओपीडी की लाइन के बाहर बहोश पड़ा मिला। लेकिन वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे।

Patient dies in hospital premises due to system's negligence
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हल्द्वानी के अस्पताल में इलाज को पहुंचे एक व्यक्ति की सिस्टम की लापरवाही से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह इलाज के लिए बेस अस्पताल पहुंचा अधेड़ मरीज ओपीडी की लाइन के बाहर बहोश पड़ा मिला। लेकिन वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे। किसी ने उसे उठाने तक की जहमत नहीं उठाई। बाद में नजर पड़ने पर एक समाजसेवी ने बेसुध पड़े मरीज को इलाज के लिए इमरजेंसी तक पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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शुक्रवार की सुबह 10 से 10.30 बजे के आसपास अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। इसी दौरान 50 वर्षीय एक मरीज हाथ में ओपीडी का पर्चा थामे अस्पताल के पिछले गेट के पास ओपीडी की लाइन के बाहर बेहोश पड़ा रहा। ओपीडी लाइन में लगे लोगों के अलावा वहां से गुजरने वाले तमाम लोगों ने उसे देखा लेकिन किसी ने उसे उठाने की जहमत नहीं की। संभवत: देर तक वहां उसकी सांसे चलती रही हों।

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कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे समाजसेवी और पार्षद प्रेम बेलवाल ने जब अधेड़ को जमीन पर गिरा देखा तो उन्होंने तुरंत इमरजेंसी में सूचना दी और उसे व्हील चेयर के सहारे इमरजेंसी तक पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मरीज की सांसें उखड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी।


ओपीडी लाइन के पास नहीं है मरीजों के बैठने का स्थान
बेस अस्पताल की ओपीडी पर्चे की लाइन में लगने के लिए रेलिंग तो है, लेकिन वहां मरीजों या बुजुर्गों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। लाइन में खड़े खड़े ही मरीजों अथवा तीमारदारों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। शेड के नाम पर छत पर टीन है लेकिन अत्यधिक धूप में वह भी गरम हो जाता है। यहां बीपी, दिल का मरीज या फिर कोई बीमार अगर खड़े-खड़े गिर जाए तो लोग भी मूकदर्शक बन तमाशा देखते रहते हैं।

बेतरतीब वाहन भी बिगाड़ते हैं व्यवस्था
अस्पताल पहुंचने वाले लोग परिसर के अंदर ही बेतरतीब तरीके से दोपहिया और चौपहिया वाहन खड़े कर देते हैं। इससे व्यवस्था बिगड़ती है और मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर दो तीन होमगार्ड नजर आते हैं लेकिन वह भी किसी को टोकते नहीं दिखते। ऐसे में यदि अस्पताल के आसपास कोई हादसा हो जाए तो कोई देखने वाला नहीं है।

सुबह एक अज्ञात की मौत की सूचना मिली। उसके पास एक दिन पुरानी पर्ची मिली, साथ में कोई तीमारदार नहीं था। किस कारण मौत हुई यह पता नहीं है। ब्रॉड डेड होने के बाद तत्काल पुलिस में सूचना दे दी गई। उस स्थान पर अस्पताल गेट के पास अनावश्यक वाहन खड़े रहते हैं। इसके लिए कई बार लोगों को टोका भी गया है। होमगार्ड डयूटी पर रहते हैं उन्हें व्यवस्था बनाने को फिर से कहा जाएगा। -डॉ. केएस दताल, चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल।

एक अधेड़ का शव मिलने की जानकारी है। पुलिस शिनाख्त में जुटी है। आसपास के थानों से उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। मनोज कत्याल, एसपी सिटी

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