चश्मदीद मामा ने बताया: हिरासत में था चालक, फिर भी पुलिस ने अज्ञात पर ठोका केस, क्या रसूखदार सवार ने रोका कानून
गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण हादसे में चार युवाओं की मौत के 24 घंटे बाद भी घटना के पुख्ता साक्ष्य नहीं मिल पाए हैं। रविवार को पुलिस की मौजूदगी में मोर्चरी में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
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गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे ने जहां चार परिवारों के चिराग बुझा दिए, वहीं इस मामले में नैनीताल पुलिस की कार्यप्रणाली हैरान करने वाली रही। हादसे के कुछ देर बाद ही ही स्कॉर्पियो चालक समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया था पर आंखों पर पट्टी बांध चुकी पुलिस ने 24 घंटे बाद भी अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हादसे में जान गंवाने वाले अंशु आर्या के मामा विशाल ने खुद को घटना का चश्मदीद बताते हुए हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी। विशाल के मौके पर मौजूद होने के बावजूद पुलिस का यह दावा कि उसे चालक का पता नहीं है। विशाल के अनुसार, हादसे के बाद चालक को पकड़कर उन्होंने खुद पुलिस को सौंपा था।
सूत्रों और चर्चाओं के मुताबिक फुटपाथ पर युवाओं को कुचलने वाली स्कॉर्पियो चालक पहदान खान बताया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस लग्जरी कार की पिछली सीट पर ज्योलीकोट नैंसी कॉन्वेंट के डॉ. संजय सिंह सवार थे। दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस ने चालक और डॉ. संजय सिंह को हिरासत ले लिया था। ज्योलीकोट स्थित कॉलेज का प्रबंधन इस वाहन का उपयोग करता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है क्या 24 घंटे का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस को यह नहीं पता चल पाया कि गाड़ी कौन चला रहा था? या फिर पीछे बैठे रसूखदार के दबाव में नैनीताल पुलिस नतमस्तक हो चुकी है।
गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण हादसे में चार युवाओं की मौत के 24 घंटे बाद भी घटना के पुख्ता साक्ष्य नहीं मिल पाए हैं। रविवार को पुलिस की मौजूदगी में मोर्चरी में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रक्रिया में करीब चार घंटे लगे। मामले में तहरीर मिलने के बाद हल्द्वानी कोतवाली में अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
शनिवार रात 10 बजे बारिश के बीच लालकुआं की ओर से जा रही तेज रफ्तार स्कार्पियो ने चार दोस्तों को कुचल दिया। हादसे में स्कूटी के भी परखचे उड़ गए थे। हादसे में अंशु आर्य (18) पुत्र पंकज कुमार निवासी दुर्गापालपुर परमा बेरीपड़ाव, राहुल राजपूत (20) पुत्र किशन पाल निवासी गोरापड़ाव हाथीखाल, आदित्य टम्टा (18) पुत्र रवींद्र कुमार गोरापड़ाव और शिवम (18) पुत्र बाबू राम निवासी धौलाखेड़ा गोरापड़ाव गंभीर रूप से घायल हो गए। बारिश के बीच हुए हादसे के दौरान वहां से गुजर रहे किसी व्यक्ति ने डायल 112 पर पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले दो युवकों को सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचा दिया गया था। दो अन्य को पुलिस एसटीएच लेकर पहुंची। रात करीब 12 बजे आदित्य ने भी दम तोड़ा। मनहूस खबर का पता चलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया।
पोस्टमार्टम में देरी पर जताई नाराजगी
रविवार सुबह पोस्टमार्टम में देरी पर मृतकों के परिजनों और परिचितों ने नाराजगी जताई। मोर्चरी में चिकित्सकों ने कागजात तैयार न होने की जानकारी दी। इस पर लोगों ने कहा कि मोर्चरी में घंटों इंतजार कराना की परंपरा गलत है। सुबह करीब 10:20 बजे पहले शव के कागजात तैयार हुए। गमगीन माहौल में सबसे पहले आदित्य आर्या का पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर 2:20 बजे तक चारों शवों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपे गए। एचओडी ने मोर्चरी में सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आए दिन ऐसे हालात हो जाते हैं कि काम करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि पंचनामा पोस्टमार्टम हाउस में ही भरा जाता है। इसके बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
एनएचएआई के फ्लाईओवर पर घटनास्थल के पास वाले कैमरों की फुटेज देखी गई हैं जो पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हादसे की वास्तविकता नजर नहीं आ रही है। तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर हर बिंदु की जांच की जा रही है। -मनोज कत्याल, एसपी सिटी
मां-बहन का सहारा और इकलौता वारिस खोने का गम रहेगा उम्रभर
11 जुलाई की रात काल के गाल में समाए शिवम, आदित्य, अंशु और राहुल का परिवार इस सदमे को ताउम्र नहीं भुला पाएगा। दर्दनाक सड़क हादसे ने एक ही झटके में किसी मां का सहारा तो किसी बहन का साथ और किसी ने इकलौता वारिस खो दिया। बाबूराम का सबसे छोटा पुत्र शिवम होनहार था। बाबूराम मजदूरी के साथ ही बंटाईदार का काम करते हैं। मूल रूप से बाबू राम रेहपुरा गांव थाना बिनावर बदांयू यूपी के रहने वाले हैं लेकिन वर्षों से यहां हरिपुर तुलाराम में रहकर परिवार चला रहे हैं। परिवार में पत्नी और तीन पुत्र हैं। बड़ा बेटा बचपन से ही विकलांग हैं। मझला बेटा पेंटर है। वह शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने गांव ले गए। हादसे में मारे गए आदित्य की मौत से परिवार टूट गया है। पढ़कर लिखकर उसे काबिल बनाने के लिए बियरशिवा में दाखिला दिलाया था। वह 12वीं की पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता रवींद्र प्रसाद टम्टा लोनिवि से रिटायर इंजीनियर हैं, परिवार में पत्नी, एक बेटा और तीन बेटियां हैं, आदित्य सबसे छोटा था। आदित्य के पोस्टमार्टम के दौरान हरिपुर तुलाराम के प्रधान समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। दोपहर बाद उसकी अंत्येष्टि रानीबाग चित्रशिला घाट पर की गई।
फुटपाथ पर खड़े चार दोस्तों को कुचलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज
गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे में घटना के चश्मदीद ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर सौंपकर दावा किया है कि एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने फुटपाथ पर खड़े चार दोस्तों को बेरहमी से कुचल दिया था जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मृतक के मामा की तहरीर पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ चार गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे का चश्मदीद होने का दावा करते हुए हल्द्वानी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मृतक अंशु आर्या के मामा विशाल निवासी खेड़ा गौलापार ने हल्द्वानी कोतवाली में सौंपी तहरीर में कहा कि शनिवार रात अंशु, शिवम, राहुल और आदित्य तीनपानी फ्लाईओवर पर बने फुटपाथ पर खड़े होकर आपस में बातचीत कर रहे थे। अंशु की स्कूटी मौके पर सड़क किनारे खड़ी थी। विशाल के अनुसार कुछ दूरी पर वह और उसका मित्र विशाल मौर्या निवासी गौलापार भी खड़े थे। तभी उन्होंंने देखा कि तेज गति से जा रहे स्कार्पियो कार सवार ने चारों पर वाहन चढ़ा दिया। हादसे में सभी की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ बीएनएस की चार धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। चालक पर लापरवाही या जल्दबादी के कारण किसी की मौत का जिम्मेदार होने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, जबरन किसी संपत्ति को हानि पहुंचाने का आरोप है।
घटनास्थल के पास वाले सीसीटीवी कैमरे के काम न करने का पता चला है। घटना गंभीर है। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस हर बिंदु की जांच कर रही है। आसपास के कैमरे खंगालने के साथ ही ओवरस्पीड आदि एंगल की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। -डॉ.मंजुनाथ टीसी, एसएसपी, नैनीताल
पुलिस पहले भी अज्ञात के नाम दर्ज कर चुकी प्राथमिकी
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुलिस ने आरोपी सामने होने के बावजूद अज्ञात के नाम प्राथमिकी दर्ज की है। जांच के नाम पर पहले अज्ञात को ही आरोपी बनाया जाता रहा है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर तरह- तरह की चर्चाएं हैं।
यह हैं प्रमुख मामले
- 22 फरवरी 2026 की दोपहर मुखानी नहर कवरिंग-पनचक्की रोड स्थित अंबिका विहार के पास 70 वर्षीय सुरेश चंद्र पांडे की सड़क हादसे में मौत हुई।
- पांच जून 2026 की रात रामपुर रोड स्थित निजी कंपनी के वेयर हाउस में आग लगने पर गौलापार निवासी नरेंद्र और पंचायतघर निवासी अमित की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। इस मामले में कोतवाल की ओर से प्राथमिकी लिखी गई।
तीन महीने में नौ जानलेवा हादसे
पिछले तीन महीनों में हल्द्वानी कोतवाली, बनभूूलपुरा, काठगोदाम और मुखानी थाना क्षेत्र में नौ से अधिक भीषण सड़क हादसे हुए हैं। इनमें हल्द्वानी में सबसे अधिक छह लोगों की सड़क हादसे में मौत हुई है।
हाइवे पर लापरवाही पड़ी भारी
शनिवार देर रात तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे के दौरान तेज बारिश और हाइवे पर लाइट भी नहीं थी। हाइवे पर ऐसी लापरवाही न जाने कितने अपराधियों को बचा लेगी। हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल पर अंधेरा मिला। वहीं एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर अचल जिंदल ने बताया कि जहां हादसा हुआ वहां कैमरे का फोकस नहीं है। लाइटें और कैमरे सही काम कर रहे हैं। हादसे की जानकारी पर एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
एनएचएआई के हाइवे पर हादसे की जानकारी मिली है। इस घटना जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। - मोनिका, एसडीएम हल्द्वानी