आज से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत: सरकार की खामोशी के बीच मध्यम और गरीब अभिभावकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही बढ़ी हुई फीस, किताबों और स्टेशनरी के दामों ने मध्यम और गरीब वर्ग के अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
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आज से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो रही है। सरकार की खामोशी के बीच स्कूल फीस, किताब और स्टेशनरी के बढ़ते दामों ने मध्यम और गरीब तबके की कमर तोड़ दी है। बच्चों में नई कक्षा में बैठने के लिए उत्साह है तो अभिभावकों का घर का बजट बिगड़ गया है। छड़ायल निवासी अजय सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत हैं। 17 हजार मासिक आय वाले अजय के दो बच्चे हैं। एक कक्षा चार और दूसरा कक्षा छह में पढ़ता है। नए सत्र की शुरुआत से पहले ही उन्हें बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च ने चिंता में डाल दिया है। कुल मिलाकर नए शिक्षा सत्र की शुरुआत अभिभावकों के लिए खुशी से ज्यादा आर्थिक दबाव लेकर आई है। यह कहानी केवल अजय की नहीं है ऐसे कई अभिभावक हैं जिन्हें इन परिस्थितियों से जूझना पड़ रहा है।