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Uk: धराशायी होगा मैदान पर उतरा पानी की समस्या का पहाड़, संकट दूर करने के लिए जल संस्थान बना रहा योजना

नवनीत सिंह बिष्ट Published by: गायत्री जोशी Updated Mon, 19 Jan 2026 11:09 AM IST
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सार

हल्द्वानी के पेरी-अर्बन क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के चलते जल संस्थान पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए नई योजना बना रहा है।

The mountain of water problems that has descended upon the field will be brought down
जल संकट, Water crisis
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विस्तार
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 पहाड़ से पलायन कर मैदान में उतरे फिर भी पानी के लिए तरसे...। हम बात कर रहे हैं उन लोगों की जो सुख-सुविधाओं के लिए भाबर में मकान बनाकर बस रहे हैं लेकिन पानी की किल्लत ने उनका पीछा यहां भी नहीं छोड़ा। ऐसे पेरी-अर्बन क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने की कवायद चल रही है। योजना के साकार होने के बाद करीब सवा लाख की आबादी को मानक के अनुसार जलापूर्ति हो सकेगी।

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पर्वतीय जिलों में रहने वाले लोग लगातार मैदान की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में इनकी संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि भाबर के गांवों का शहरीकरण होने लगा है लेकिन बुनियादी सुविधाओं की यहां कमी है। इनमें पानी बड़ी समस्या है।
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अभी लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों के मानक यानी 55 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से जलापूर्ति की जा रही है। अब जल संस्थान शहर से लगे 12 गांवों में 135 लीटर एलपीसीडी पानी की उपलब्धता बढ़ाने की कवायद कर रहा है।

इन गांवों के लिए बनेगी योजना

बजुनिया हल्दू, देवलचौड़ बंदोबस्ती, कुरिया, नरिपुर लामाचौड़, बच्चीनगर एक और दो, गुजरौड़ा, धुनी, खुशहालपुर, नाथुपुर पाडली, रामपुर लामाचौड़ व हल्दूपोखरा नायक।

दो गांवों में मिली ट्यूबवेल और टैंक के लिए जमीन

जल संस्थान ने इस योजना को साकार करने के लिए कंसलटेंसी कंपनी से गांवों का सर्वे कराया है। इसमें ट्यूबवेल व ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए उचित स्थान की उपलब्धता के साथ ही पूर्व में जल जीवन मिशन के तहत बिछी लाइनों को भी शामिल किया गया है। इसी के अनुसार प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अभी नरीपुर लामाचौड़ और कमलुवागांजा मेहता में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाने के लिए जमीन मिली है।

योजना को साकार करने के लिए जमीन की उपलब्धता बेहद जरूरी है। जिन गांवों में जमीन मिल गई है उनकी डीपीआर नाबार्ड के तहत शासन को भेजी जाएगी। -आरएस लोशाली, ईई, जल संस्थान हल्द्वानी

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