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Haldwani News: उत्तरायणी मेले में मची लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Tue, 13 Jan 2026 11:23 AM IST
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सार

हल्द्वानी के हीरानगर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक में लोकसंगीत और कविताओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मनमोहा। 

The Uttarayani fair was abuzz with folk songs and cultural programs in haldwani
उत्थान मच में आयोजित उत्तरायणी मेले में प्रस्तुति देते कलाकार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हल्द्वानी के पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरानगर में उत्तरायणी कौतिक की धूम मची है। सोमवार को छठे दिन सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक बलवीर सिंह राणा ने चूड़ी त्यार हाथ मा खनकनी, प्रियंका चंद ने उतरेणी कौतिक मैकनी घुमै दे... आदि कुमाऊंनी गीत सुनाकर लोगों को झुमाया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों और लोकसंगीत की प्रस्तुति ने मेला परिसर को पर्वतीय संस्कृति के रंग में रंग दिया।

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देर शाम सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, पूर्व विधायक नारायण पाल, मंडी परिषद के अध्यक्ष डाॅ. अनिल कपूर डब्बू, गिरीश जोशी, लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, डाॅ. गजेद्र सिंह बटरोही और जगमोहन रौतेला ने किया। इस मौके पर मंच के संरक्षक हुकुम सिंह कुंवर, अध्यक्ष खड़क सिंह बगड़वाल, उपाध्यक्ष गोपाल बिष्ट, सचिव देवेंद्र तोलिया, कोषाध्यक्ष त्रिलोक बनोली, बीडी पाठक, पार्षद मनोज जोशी, पार्षद शैलेंद्र दानू, कैलाश जोशी आदि मौजूद रहे।

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दिन में हुई कई प्रतियोगिताएं

फैंसी ड्रैस शिशु वर्ग में लावण्या पांडे, बाल वर्ग में अदिति भंडारी, किशोर वर्ग में यर्थाथ पंत प्रथम रहे। वॉलीबाल अंडर-14 में एसेंट पब्लिक स्कूल पहले और आनंदा एकेडमी दूसरे स्थान पर रही। स्कूल कैटेगरी में सरस्वती एकेडमी पहले और हैरिटेज स्कूल को दूसरा स्थान मिला। रस्सा खींच महिला ओपन वर्ग में गोरापड़ाव की टीम विजेता और सनातनी शेरनी उपविजेता रही। सीनियर बालिका वर्ग में पापा की शेरनी पहले और टीम धुरंधर दूसरे स्थान पर रही। अंडर 14 में रामदूत बॉयज पहले और नारायणी सेना दूसरे स्थान पर रही। अंडर-16 में एबीएम पहले और राम सेना दूसरे स्थान पर रही।

कवियों ने पहाड़ की व्यथा सुनाई

डाॅ. प्रदीप उपाध्याय ने गोरू-बाछ, कुकर बिराव, त्वे कैं चाड़-प्वाथ धत्यूणैंई, तू आले, मुख दिखाले त्यारा बाट चै रई। करुणा शंकर कांडपाल ने घट लिजी पाणि हरै गो, सुकि गई गध्यार, खेति पाति सब चौपट है रै... सुनाया। सुरेश चंद्र रूबाली ने चार दिनों जीवन मधुली भल हैरिये संग, दुराचारी आदिम मिललो रोज है जाली तंग... आदि सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया।

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