{"_id":"6a05ccef2a48e2060a0d8170","slug":"culture-secretary-yugal-kishore-pant-visited-the-planetarium-at-devprayag-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-122675-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने किया नक्षत्र वेधशाला देवप्रयाग का भ्रमण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने किया नक्षत्र वेधशाला देवप्रयाग का भ्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 14 May 2026 06:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फोटो
देवप्रयाग। राज्य संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने ज्ञान भारतम मिशन के क्लस्टर केंद्र नक्षत्र वेधशाला, देवप्रयाग का भ्रमण कर यहां संचालित पांडुलिपि संरक्षण एवं डिजिटलाइजेशन कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पांडुलिपि प्रयोगशाला, पुस्तकालय एवं संग्रहालय का भी अवलोकन किया।
संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने कहा कि देश का प्राचीन ज्ञान हमारी पांडुलिपियों में संरक्षित है, जिन्हें सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में पांडुलिपियों के सर्वे का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पांडुलिपियों की इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित करने में सभी लोगों के सहयोग को जरूरी बताया। इस अवसर पर उनके साथ पहुंचे निदेशक राज्य अभिलेखागार, उत्तराखंड शेखर प्रकाश पटवा ने बताया कि आगामी 15 जून तक पूरे प्रदेश में पांडुलिपियों के सर्वे का कार्य चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत निजी संस्थाओं, मठ-मंदिरों, शिक्षण संस्थानों तथा व्यक्तिगत रूप से संरक्षित पांडुलिपियों की खोज की जा रही है। मौके पर डॉ. प्रभाकर जोशी, मोनिका भट्ट, आचार्य भास्कर जोशी, मौलिक, भूपेंद्र भट्ट, प्रकृति कोटियाल एवं सृष्टि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
देवप्रयाग। राज्य संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने ज्ञान भारतम मिशन के क्लस्टर केंद्र नक्षत्र वेधशाला, देवप्रयाग का भ्रमण कर यहां संचालित पांडुलिपि संरक्षण एवं डिजिटलाइजेशन कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पांडुलिपि प्रयोगशाला, पुस्तकालय एवं संग्रहालय का भी अवलोकन किया।
संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत ने कहा कि देश का प्राचीन ज्ञान हमारी पांडुलिपियों में संरक्षित है, जिन्हें सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में पांडुलिपियों के सर्वे का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पांडुलिपियों की इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित करने में सभी लोगों के सहयोग को जरूरी बताया। इस अवसर पर उनके साथ पहुंचे निदेशक राज्य अभिलेखागार, उत्तराखंड शेखर प्रकाश पटवा ने बताया कि आगामी 15 जून तक पूरे प्रदेश में पांडुलिपियों के सर्वे का कार्य चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत निजी संस्थाओं, मठ-मंदिरों, शिक्षण संस्थानों तथा व्यक्तिगत रूप से संरक्षित पांडुलिपियों की खोज की जा रही है। मौके पर डॉ. प्रभाकर जोशी, मोनिका भट्ट, आचार्य भास्कर जोशी, मौलिक, भूपेंद्र भट्ट, प्रकृति कोटियाल एवं सृष्टि सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन