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Pauri News: स्मार्ट डेयरी प्रबंधन पर जोर, आंचल डेयरी में फार्मर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 31 Mar 2026 06:13 PM IST
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- प्रतिभागियों को स्मार्ट दुग्ध समितियों के संचालन और कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया
श्रीनगर। आंचल डेयरी श्रीनगर में मंगलवार को फार्मर ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चमोली जनपद से आई 35 दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्मार्ट दुग्ध समितियों के संचालन और उनके कार्यप्रणाली से अवगत कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें चयनित गांवों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे जमीनी स्तर पर आधुनिक डेयरी प्रबंधन को समझ सकें। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सक डॉ. सुरेश पांडे की ओर से किसानों को पशुओं के संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल और आधुनिक डेयरी तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आंचल डेयरी परिसर में एक एकड़ में विकसित नैपियर घास के खेत का भ्रमण भी कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नैपियर घास पोषक चारे का बेहतर विकल्प है, जिससे चारे की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। बताया गया कि इच्छुक किसानों को नैपियर घास की कटिंग मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही इसकी रोपाई का उपयुक्त समय भी जल्द शुरू होने वाला है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को डेयरी क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने और आय बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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श्रीनगर। आंचल डेयरी श्रीनगर में मंगलवार को फार्मर ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चमोली जनपद से आई 35 दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्मार्ट दुग्ध समितियों के संचालन और उनके कार्यप्रणाली से अवगत कराया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें चयनित गांवों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे जमीनी स्तर पर आधुनिक डेयरी प्रबंधन को समझ सकें। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सक डॉ. सुरेश पांडे की ओर से किसानों को पशुओं के संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल और आधुनिक डेयरी तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आंचल डेयरी परिसर में एक एकड़ में विकसित नैपियर घास के खेत का भ्रमण भी कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नैपियर घास पोषक चारे का बेहतर विकल्प है, जिससे चारे की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। बताया गया कि इच्छुक किसानों को नैपियर घास की कटिंग मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही इसकी रोपाई का उपयुक्त समय भी जल्द शुरू होने वाला है।प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को डेयरी क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने और आय बढ़ाने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।