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Pauri News: पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शोध तकनीकों के साथ समन्वित करें
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 01 Apr 2026 07:05 PM IST
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फोटो
आईसीएसएसआर पर दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि में शिक्षा और भौतिकी विभाग की ओर से आईसीएसएसआर (भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद) पर दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली और शोध पद्धति के समन्वय से शिक्षकों एवं शोधार्थियों को सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक दृष्टि से सशक्त बनाना है। इस मौके पर वक्ताओं ने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शोध तकनीकों के साथ समन्वित करने पर जोर दिया।
बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विवि रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रमण्यम ने कहा कि यह प्रणाली भविष्य के शिक्षकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि शोध कार्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि एक जिम्मेदारीपूर्ण प्रक्रिया है। एक शोधार्थी को अपने कार्य को प्राथमिकता देते हुए लेखन, अध्ययन और अकादमिक गतिविधियों के प्रति पूर्णतः समर्पित रहना चाहिए। रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल (आरडीसी) चौरास परिसर के निदेशक प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि शिक्षा और शोध तभी सार्थक होंगे जब उनके परिणाम समाज और विद्यार्थियों के जीवन में प्रत्यक्ष प्रभाव डालें। इस मौके पर डीन रिक्रूटमेंट और प्रमोशन प्रो. मोहन सिंह पंवार, डीन प्रो. टीसी उपाध्याय, कार्यशाला निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह, सह-कोर्स निदेशक डॉ. आलोक सागर गौतम आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. अनु राही ने किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि में शिक्षा और भौतिकी विभाग की ओर से आईसीएसएसआर (भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद) पर दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली और शोध पद्धति के समन्वय से शिक्षकों एवं शोधार्थियों को सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक दृष्टि से सशक्त बनाना है। इस मौके पर वक्ताओं ने पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शोध तकनीकों के साथ समन्वित करने पर जोर दिया।
बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विवि रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रमण्यम ने कहा कि यह प्रणाली भविष्य के शिक्षकों के लिए अत्यंत आवश्यक है। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि शोध कार्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि एक जिम्मेदारीपूर्ण प्रक्रिया है। एक शोधार्थी को अपने कार्य को प्राथमिकता देते हुए लेखन, अध्ययन और अकादमिक गतिविधियों के प्रति पूर्णतः समर्पित रहना चाहिए। रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल (आरडीसी) चौरास परिसर के निदेशक प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि शिक्षा और शोध तभी सार्थक होंगे जब उनके परिणाम समाज और विद्यार्थियों के जीवन में प्रत्यक्ष प्रभाव डालें। इस मौके पर डीन रिक्रूटमेंट और प्रमोशन प्रो. मोहन सिंह पंवार, डीन प्रो. टीसी उपाध्याय, कार्यशाला निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह, सह-कोर्स निदेशक डॉ. आलोक सागर गौतम आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. अनु राही ने किया।
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