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Pauri News: कोदे- झंगोरे के बिस्किट, लड्डू व केक भी बाजार में मिलने लगा
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 03 Mar 2026 04:12 PM IST
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पौड़ी। उमंग बेकरी यूनिट में कोदे और झंगोरे से तैयार किए जा रहे जैविक उत्पादों की बाजार में खूब मांग बढ़ने लगी है जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आय भी बढ़ रही है।
जिला मुख्यालय में महिलाओं समूहों की ओर से संचालित उमंग बेकरी यूनिट रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत जरिया बन रही है। उत्पादों की जहां स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ रही है वहीं दूसरे जिलों में भी इन्हें खूब पसंद किया जा रहा है। महिलाओं की इसी मेहनत के बूते यूनिट डेढ़ से दो लाख रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त कर रही है।
वर्ष 2019 में उमंग स्वायत्त सहकारिता बिचली ढांडरी ने हिमोत्थान समिति (टाटा ट्रस्ट) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से यूनिट स्थापित की थी। यूनिट में 105 महिलाओं की ओर से स्वरोजगार को अपनाकर कोदे और झंगोरा से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर किया जा रहा है। ब्लॉक मिशन मैनेजर विजय सिंह ने बताया कि यूनिट में महिलाओं को मशीनें, उपकरण और बेकरी का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में झंगोरा 90 रुपये और कोदा 47 रुपये प्रति किलो खरीदा जा रहा है। संवाद
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जिला मुख्यालय में महिलाओं समूहों की ओर से संचालित उमंग बेकरी यूनिट रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत जरिया बन रही है। उत्पादों की जहां स्थानीय बाजारों में मांग बढ़ रही है वहीं दूसरे जिलों में भी इन्हें खूब पसंद किया जा रहा है। महिलाओं की इसी मेहनत के बूते यूनिट डेढ़ से दो लाख रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त कर रही है।
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वर्ष 2019 में उमंग स्वायत्त सहकारिता बिचली ढांडरी ने हिमोत्थान समिति (टाटा ट्रस्ट) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से यूनिट स्थापित की थी। यूनिट में 105 महिलाओं की ओर से स्वरोजगार को अपनाकर कोदे और झंगोरा से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार कर किया जा रहा है। ब्लॉक मिशन मैनेजर विजय सिंह ने बताया कि यूनिट में महिलाओं को मशीनें, उपकरण और बेकरी का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में झंगोरा 90 रुपये और कोदा 47 रुपये प्रति किलो खरीदा जा रहा है। संवाद