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Pauri News: नवनिर्मित मंदिर में विराजीं मां महिषासुर मर्दिनी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 20 Apr 2026 04:44 PM IST
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प्राण प्रतिष्ठा और भंडारे के साथ पूर्ण हुआ मां महिषासुर मर्दिनी मंदिर का अनुष्ठान
पौड़ी। जिला मुख्यालय में मां भगवती महिषासुर मर्दिनी मंदिर की विधि-विधान से स्थापना संपन्न हो गई है। साथ ही अब मां का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। सोमवार को जिला अस्पताल के समीप निर्मित मंदिर में मां महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके अलावा मंदिर परिसर में भगवान हनुमान, श्रीगणेश सहित तीन चल विग्रह मूर्तियों की भी स्थापना की गई।
महोत्सव के समापन अवसर पर माता मूर्ति पूजन, हवन, आरती और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व 17 अप्रैल को लक्ष्मीनारायण मंदिर, कोटद्वार रोड से जल कलश यात्रा के साथ चार दिवसीय मंदिर स्थापना महोत्सव का शुभारंभ हुआ था।
18 अप्रैल को वैदिक ब्राह्मणों द्वारा स्थापना एवं भद्रपूजन के साथ माता की मूर्ति का जलाधिवास, अन्नाधिवास, फलाधिवास और औषधाधिवास कराया गया। वहीं 19 अप्रैल को पंचांग पूजन, पुष्पाधिवास, धनाधिवास और शिखर कलशारोहण के बाद सायंकाल से मां भगवती महिषासुर मर्दिनी की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू हुआ, जो सोमवार को विधिवत पूर्ण हुआ।
क्यूं कालेश्वर महादेव मंदिर के महंत अभय चेतन्यानंद मुनि महाराज ने बताया कि विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा और भंडारे के साथ चार दिवसीय स्थापना महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अब मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए नियमित रूप से खुला रहेगा।
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पौड़ी। जिला मुख्यालय में मां भगवती महिषासुर मर्दिनी मंदिर की विधि-विधान से स्थापना संपन्न हो गई है। साथ ही अब मां का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। सोमवार को जिला अस्पताल के समीप निर्मित मंदिर में मां महिषासुर मर्दिनी की मूर्ति की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके अलावा मंदिर परिसर में भगवान हनुमान, श्रीगणेश सहित तीन चल विग्रह मूर्तियों की भी स्थापना की गई।
महोत्सव के समापन अवसर पर माता मूर्ति पूजन, हवन, आरती और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व 17 अप्रैल को लक्ष्मीनारायण मंदिर, कोटद्वार रोड से जल कलश यात्रा के साथ चार दिवसीय मंदिर स्थापना महोत्सव का शुभारंभ हुआ था।
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18 अप्रैल को वैदिक ब्राह्मणों द्वारा स्थापना एवं भद्रपूजन के साथ माता की मूर्ति का जलाधिवास, अन्नाधिवास, फलाधिवास और औषधाधिवास कराया गया। वहीं 19 अप्रैल को पंचांग पूजन, पुष्पाधिवास, धनाधिवास और शिखर कलशारोहण के बाद सायंकाल से मां भगवती महिषासुर मर्दिनी की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू हुआ, जो सोमवार को विधिवत पूर्ण हुआ।
क्यूं कालेश्वर महादेव मंदिर के महंत अभय चेतन्यानंद मुनि महाराज ने बताया कि विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा और भंडारे के साथ चार दिवसीय स्थापना महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अब मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए नियमित रूप से खुला रहेगा।
