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Pauri News: सरकारी राशन के अवैध भंडारण में दुकानदार दोषी, सशर्त रिहा
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पौड़ी। थलीसैंण बाजार में सरकारी राशन के अवैध भंडारण के मामले में अदालत ने आरोपी दुकानदार को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी के प्रथम अपराधी होने, किसी आपराधिक इतिहास के अभाव और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए एक वर्ष की परिवीक्षा का लाभ दिया। इसके लिए 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी शहजाद ए वाहिद की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार 27 मार्च 2022 को राजस्व विभाग को मिली सूचना पर टीम ने थलीसैंण बाजार स्थित चौधरी जनरल स्टोर के गोदाम से 50-50 किलो की 20 बोरियां सरकारी चावल बरामद किया था। आरोप था कि राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का था और उसका अवैध भंडारण किया गया था। विभाग ने मामले में सहायक खाद्य निरीक्षक सुरेंद्र सिंह की संलिप्तता की भी आशंका जताते हुए दोनों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि बरामद चावल सरकारी राशन था और सुबोध चौधरी उसके भंडारण के लिए कोई वैध अनुमति या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया। हालांकि सहायक खाद्य निरीक्षक सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध मामले में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। जिस पर अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
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अभियोजन के अनुसार 27 मार्च 2022 को राजस्व विभाग को मिली सूचना पर टीम ने थलीसैंण बाजार स्थित चौधरी जनरल स्टोर के गोदाम से 50-50 किलो की 20 बोरियां सरकारी चावल बरामद किया था। आरोप था कि राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का था और उसका अवैध भंडारण किया गया था। विभाग ने मामले में सहायक खाद्य निरीक्षक सुरेंद्र सिंह की संलिप्तता की भी आशंका जताते हुए दोनों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि बरामद चावल सरकारी राशन था और सुबोध चौधरी उसके भंडारण के लिए कोई वैध अनुमति या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया। हालांकि सहायक खाद्य निरीक्षक सुरेंद्र सिंह के विरुद्ध मामले में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। जिस पर अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
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