{"_id":"6a708056b6253aedc30b134f","slug":"spread-information-about-legal-aid-to-every-village-nazish-kaleem-pauri-news-c-51-1-pri1001-115273-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव-गांव पहुंचाएं विधिक सहायता की जानकारी : नाजिश कलीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव-गांव पहुंचाएं विधिक सहायता की जानकारी : नाजिश कलीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाजिश कलीम ने पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) और अधिकार मित्रों से गांव-गांव में विधिक जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को निशुल्क कानूनी सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आयोजित पीएलवी/अधिकार मित्रों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। सचिव ने कहा कि प्रत्येक पीएलवी अपने कार्यक्षेत्र में अधिक से अधिक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित करें। शिविरों में निशुल्क विधिक सहायता, राष्ट्रीय एवं विशेष लोक अदालत, मध्यस्थता, स्थायी लोक अदालत, महिला एवं बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, नशा मुक्ति, साइबर अपराध से बचाव व विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए।
बैठक के बाद स्थायी लोक अदालत की भूमिका, क्षेत्राधिकार, कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता विषयक पर एक दिवसीय प्रशिक्षण में उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालतें जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित, सरल, कम खर्चीले और सौहार्दपूर्ण निस्तारण का प्रभावी मंच हैं। इनका उद्देश्य न्यायालय में वाद दायर होने से पहले ही पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर न्याय तक आमजन की आसान पहुंच करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता गजेंद्र सिंह रावत, स्थायी लोक अदालत के सदस्य मयंक शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की अमृता रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आयोजित पीएलवी/अधिकार मित्रों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। सचिव ने कहा कि प्रत्येक पीएलवी अपने कार्यक्षेत्र में अधिक से अधिक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित करें। शिविरों में निशुल्क विधिक सहायता, राष्ट्रीय एवं विशेष लोक अदालत, मध्यस्थता, स्थायी लोक अदालत, महिला एवं बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, नशा मुक्ति, साइबर अपराध से बचाव व विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए।
विज्ञापन
बैठक के बाद स्थायी लोक अदालत की भूमिका, क्षेत्राधिकार, कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता विषयक पर एक दिवसीय प्रशिक्षण में उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालतें जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित, सरल, कम खर्चीले और सौहार्दपूर्ण निस्तारण का प्रभावी मंच हैं। इनका उद्देश्य न्यायालय में वाद दायर होने से पहले ही पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर न्याय तक आमजन की आसान पहुंच करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता गजेंद्र सिंह रावत, स्थायी लोक अदालत के सदस्य मयंक शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की अमृता रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन