सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pauri News ›   Shops will remain closed until cylinders are available...

Pauri News: जब तक नहीं मिलेंगे सिलिंडर दुकानें रहेंगी बंद...

संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी Updated Sat, 11 Apr 2026 04:00 PM IST
विज्ञापन
Shops will remain closed until cylinders are available...
विज्ञापन
फोटो
Trending Videos

व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिलने पर कैफे संचालक ने दुकान के बाहर लगाई सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। शहर में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की किल्लत के कारण कैफे और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने भारी संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को स्थिति यह रही कि कई कैफे हाउस और रेस्टोरेंट संचालकों ने अपनी दुकानों के बाहर अवकाश की सूचना चस्पा कर दी। उन्होंने स्पष्ट लिखा कि जब तक सिलिंडरों की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। कैफे संचालक संजय जैन ने बताया कि उनके मेन्यू में कई तरह की वैरायटी हैं। मजबूरी में कुछ सामान ओवन और इंडक्शन पर तैयार किए जा रहे हैं लेकिन कई खास व्यंजन बिना गैस के नहीं बन सकते। विकल्प के तौर पर लकड़ी की भट्टी का इस्तेमाल हर जगह संभव नहीं है। जिन प्रतिष्ठानों के पास खुली जगह है वहां तो लकड़ी से किसी तरह काम चलाया जा रहा है लेकिन बंद कैफे में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था न होने के कारण धुआं भर जाता है। अब इन हालातों में श्रीनगर में लगभग चार से पांच बड़े होटल संचालकों को अपना कारोबार अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।
----

शादी-समारोहों पर भी पड़ा असर
व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी का असर शादी, समारोह पर भी पड़ रहा है। स्थानीय निवासी शिवम नैथानी के परिवार में कुछ ही दिनों बाद शादी है। शनिवार को वे गैस सिलिंडर के लिए परेशान नजर आए। उन्होंने कहा कि शादी जैसे बड़े समारोह के लिए अब तक बमुश्किल दो ही सिलिंडर मिल पाए हैं। इतने कम गैस सिलिंडरों में पूरे समारोह में लोगों के लिए भोजन कैसे तैयार होगा। वहीं अलकंनदा गैस एजेंसी के प्रबंधक सुधीर काला ने बताया कि शादी समारोहों के लिए दो व्यावसायिक गैस सिलिंडर ही प्रदान किए जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन


गैस नहीं मिली तो देसी तंदूर किया तैयार

श्रीनगर। नगर में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की किल्लत ने होटल और छोटे ढाबा संचालकों को संकट में डाल दिया है। गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण कई ढाबों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में थाना रोड के ढाबा संचालकों ने जुगाड़ से नया रास्ता निकाला और देसी तंदूर तैयार कर दिया।
थाना रोड पर ढाबा चलाने वाले राजू, कमलू और अन्य संचालक बताते हैं कि गैस न मिलने के कारण दिक्कतें हो रही हैं। हमारे यहां ज्यादातर मजदूर वर्ग के लोग खाना खाने आते हैं ऐसे में हम दाम भी नहीं बढ़ा सकते। ऐसे में सहारनपुर से तंदूर के मिट्टी वाले ढांचे मंगवाए। इसके बाद खाली ड्रमों को काट-छांटकर उनमें इन सांचों को फिट कर दिया और ‘देसी तंदूर’ तैयार कर दिए। उन्होंने कहा कि अब इन ढाबों पर पूरा खाना इसी देसी तंदूर पर तैयार हो रहा है। फिलहाल लकड़ी 20 से 25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से आसानी से मिल रही है। एक ढाबे में रोजाना 8 से 10 किलो लकड़ी की खपत हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती तब तक इसी पर खाना बनाएंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed