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Pauri News: श्रीनगर में रोडवेज के हाईटेक वर्कशॉप निर्माण में एनजीटी ने फंसाया पेंच
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 14 Apr 2026 07:35 PM IST
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श्रीनगर। चारधाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव और गढ़वाल मंडल के केंद्र श्रीनगर में प्रस्तावित करीब 10 करोड़ रुपये लागत की रोडवेज हाईटेक वर्कशॉप परियोजना पर्यावरणीय नियमों के कारण अधर में लटक गई है। तीन एकड़ भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना को राष्ट्रीय हरित अधिकरण से अनुमति न मिलने के चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
परिवहन विभाग के सहायक अभियंता वीके दीक्षित ने बताया कि वर्कशॉप का निर्माण पीपीपी मोड में प्रस्तावित था, जिसकी जिम्मेदारी उत्तराखंड पेयजल निगम को सौंपी गई थी। एजेंसी द्वारा 10 करोड़ रुपये की डीपीआर भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन एनजीटी के उस नियम के चलते परियोजना रोक दी गई है, जिसमें नदी तट से 200 मीटर के भीतर निर्माण कार्य पर प्रतिबंध है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्थल के आसपास पहले से महिला थाना, खाद्य गोदाम, पेट्रोल पंप, एनआईटी और गंगा म्यूजियम का निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में विभाग का मानना है कि अन्य संस्थानों द्वारा अपनाई गई तकनीक के आधार पर परिवहन निगम को भी निर्माण की अनुमति मिलनी चाहिए थी।
प्रस्तावित हाईटेक वर्कशॉप में बसों के रखरखाव के लिए आधुनिक शेड, चालक-परिचालकों के विश्राम कक्ष, पेट्रोल पंप, बस धुलाई केंद्र, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म और हरित क्षेत्र विकसित किए जाने की योजना है।
दीक्षित के अनुसार, यदि जिला स्तर की स्थल चयन समिति से सकारात्मक रिपोर्ट मिल जाती, तो बजट स्वीकृति के साथ निर्माण कार्य शुरू हो जाता। इस वर्कशॉप के निर्माण से चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद मिलती।
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परिवहन विभाग के सहायक अभियंता वीके दीक्षित ने बताया कि वर्कशॉप का निर्माण पीपीपी मोड में प्रस्तावित था, जिसकी जिम्मेदारी उत्तराखंड पेयजल निगम को सौंपी गई थी। एजेंसी द्वारा 10 करोड़ रुपये की डीपीआर भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन एनजीटी के उस नियम के चलते परियोजना रोक दी गई है, जिसमें नदी तट से 200 मीटर के भीतर निर्माण कार्य पर प्रतिबंध है।
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उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्थल के आसपास पहले से महिला थाना, खाद्य गोदाम, पेट्रोल पंप, एनआईटी और गंगा म्यूजियम का निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में विभाग का मानना है कि अन्य संस्थानों द्वारा अपनाई गई तकनीक के आधार पर परिवहन निगम को भी निर्माण की अनुमति मिलनी चाहिए थी।
प्रस्तावित हाईटेक वर्कशॉप में बसों के रखरखाव के लिए आधुनिक शेड, चालक-परिचालकों के विश्राम कक्ष, पेट्रोल पंप, बस धुलाई केंद्र, यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म और हरित क्षेत्र विकसित किए जाने की योजना है।
दीक्षित के अनुसार, यदि जिला स्तर की स्थल चयन समिति से सकारात्मक रिपोर्ट मिल जाती, तो बजट स्वीकृति के साथ निर्माण कार्य शुरू हो जाता। इस वर्कशॉप के निर्माण से चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद मिलती।
